नई दिल्ली | व्हाट्सऐप ने अपने करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा अपडेट जारी करने का ऐलान किया है। अब किसी नए व्यक्ति से बातचीत करने के लिए मोबाइल नंबर साझा करना जरूरी नहीं होगा। कंपनी जल्द यूज़रनेम फीचर लॉन्च करने जा रही है, जिसके जरिए यूजर्स केवल अपने यूनिक यूज़रनेम से ही एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे।कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूज़रनेम रिजर्व करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे चरणबद्ध तरीके से सभी देशों में रोलआउट किया जाएगा। जब यह फीचर आपके क्षेत्र में उपलब्ध होगा, तब व्हाट्सऐप पर नोटिफिकेशन के जरिए इसकी जानकारी दी जाएग दुनियाभर में करोड़ों लोग एक जैसे या मिलते-जुलते यूज़रनेम रखना चाहेंगे। ऐसे में जो यूजर पहले अपना यूज़रनेम रिजर्व करेंगे, उन्हें अपनी पसंद का नाम मिलने की संभावना अधिक होगी।
इस फीचर से क्या बदलेगा?
नया यूज़रनेम फीचर आने के बाद पहली बार किसी नए व्यक्ति से चैट करते समय आपका मोबाइल नंबर दिखाई नहीं देगा। बड़े ग्रुप्स में शामिल होने या नए लोगों से बातचीत शुरू करने के दौरान भी आपकी निजी जानकारी पहले से ज्यादा सुरक्षित रहेगी। हालांकि व्हाट्सऐप अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा।यूज़रनेम 3 से 35 अक्षरों के बीच होगा। इसमें केवल छोटे अंग्रेजी अक्षर (a-z), अंक (0-9), डॉट (.) और अंडरस्कोर (_) का इस्तेमाल किया जा सकेगा। हर यूज़रनेम पूरी तरह यूनिक होगा और जरूरत पड़ने पर उसे बदला या हटाया भी जा सकेगा।व्हाट्सऐप यूज़रनेम की नाम का एक नया वैकल्पिक सुरक्षा फीचर भी ला रहा है। इसे सक्रिय करने पर पहली बार मैसेज भेजने वाले व्यक्ति को पहले सुरक्षा की दर्ज करनी होगी। इसके बाद ही बातचीत शुरू हो सकेगी। इसका उद्देश्य स्पैम और अनचाहे संदेशों को कम करना है।
इस अपडेट के बाद भी पुराने चैट, सेव किए गए कॉन्टैक्ट और ग्रुप पहले की तरह ही काम करेंगे। जिन लोगों के पास पहले से आपका मोबाइल नंबर सेव है, वे बिना किसी बदलाव के पहले की तरह आपसे बातचीत कर सकेंगे। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, ब्लॉक और रिपोर्ट जैसे सभी सुरक्षा फीचर भी पहले की तरह काम करते रहेंगे।इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब नए लोगों से बातचीत करने के लिए मोबाइल नंबर साझा करने की जरूरत नहीं होगी। इससे यूजर्स की प्राइवेसी पहले से ज्यादा मजबूत होगी, स्पैम मैसेज कम होंगे और क्रिएटर्स व बिजनेस यूजर्स के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक जैसी डिजिटल पहचान बनाए रखना भी आसान हो जाएगा।



