Rajasthan News: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यमुना का जल शेखावाटी के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा, जिससे शेखावाटी के सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले विकास, विरासत एवं विश्वास के मॉडल जिले के रूप में उभरेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प और समर्पण शेखावाटी के समग्र विकास की आधारशिला बन रहा है.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सोमवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में शेखावाटी फाउण्डेशन ने ऐतिहासिक यमुना जल समझौते को लेकर अभिनन्दन किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल सुरक्षा से लेकर आधुनिक सड़क नेटवर्क, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तक प्रत्येक क्षेत्र में योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं.
भागीरथी प्रयासों के लिए CM का अभिनन्दन
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मंत्रोच्चार के बीच प्रतीकात्मक रूप से यमुना जल से भरा कलश शेखावाटी अंचल के लोगों को समर्पित किया. इस दौरान विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संगठनों द्वारा ऐतिहासिक यमुना जल समझौते के लिए मुख्यमंत्री का अभिनन्दन किया गया। साथ ही, महिलाओं ने भी पारंपरिक वेशभूषा में मंगलगीत के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया.

संवाद, समर्पण और समन्वय से शेखावाटी पहुंचेगा यमुना का जल
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन की सरकार ने यमुना जल समझौते को साकार किया है. इस समझौते से लगभग 295 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से लगभग 1917 क्यूसेक यमुना जल शेखावाटी तक पहुंचेगा. इससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू सहित व्यापक क्षेत्र के करीब 75 लाख लोगों को स्थायी राहत मिलेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि शेखावाटी के विकास का सबसे बड़ा प्रश्न हमेशा पानी रहा. वर्ष 1994 में यमुना जल बंटवारे का समझौता हुआ था, लेकिन राजस्थान को उसके अधिकार का पानी नहीं मिला. इस विषय पर हमारी सरकार ने संवाद, समर्पण और समन्वय की रणनीति पर काम किया. इसी का परिणाम है कि तीन दशकों से लंबित यमुना जल समझौता केवल ढाई वर्षों में ही मूर्त रूप ले रहा है.
हवेलियों का हो रहा कायाकल्प, विकास हो रहा साकार
उन्होंने कहा कि शेखावाटी की पहचान उसकी भव्य हवेलियों, विश्वप्रसिद्ध भित्ति-चित्रों और अद्भुत स्थापत्य कला से है. राज्य सरकार ने शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना प्रारंभ कर सीकर, झुंझुनूं और चूरू की 662 ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण तथा पर्यटन उपयोग की कार्ययोजना तैयार की है. साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि हवेलियों के मूल स्वरूप से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने शेखावाटी को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है. कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे से सीकर, झुंझुनूं और चूरू क्षेत्र के लोगों का दिल्ली-NCR और पश्चिमी राजस्थान के बीच आवागमन सुगम होगा. इससे परिवहन, उद्योग, कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को व्यापक लाभ मिलेगा.
वीरता, उद्यमिता और आस्था की भूमि है शेखावाटी
उन्होंने कहा कि शेखावाटी वीरों, धोरों, संतों, शहीदों एवं भामाशाहों की वीर प्रसूता भूमि है. शेखावाटी के पराक्रमी सपूतों ने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर में अपने अदम्य साहस की अमिट छाप छोड़ी है. उन्होंने कहा कि शेखावाटी के सपूतों ने अपने परिश्रम और व्यापार कौशल से बड़े-बड़े व्यापारिक घराने, कॉरपोरेट संस्थान स्थापित कर देश को आर्थिक रूप से संपन्न बनाया है. विकट भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यहां के निवासी मेहनत करने में किसी से पीछे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि शेखावाटी के खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी, जीण माता, शाकंभरी माता, हर्षनाथ, लोहार्गल, नवलगढ़, मंडावा और डूंडलोद जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल सांस्कृतिक चेतना के प्रमुख केन्द्र हैं.

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शेखावाटी की दशकों पुरानी जल आवश्यकता पूरी हुई है, जिससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले में विकास की राह प्रशस्त होगी. पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत को सच्ची श्रद्धांजलि है. शेखावाटी फाउंडेशन के अध्यक्ष विनोद कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री के भागीरथी प्रयासों से शेखावाटी की प्यासी धरती को यमुना का पवित्र जल मिलने से क्षेत्र का समग्र विकास और आने वाली पीढ़ियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होगा.
कौन-कौन रहा मौजूद ?
इस अवसर पर सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर, विधायक कालीचरण सराफ, गोरधन वर्मा, हरलाल सहारण, राजेंद्र भांबू, सुभाष मील, गोपाल शर्मा, धर्मपाल गुर्जर, विक्रम सिंह जाखल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शेखावाटी फाउंडेशन के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शेखावाटी अंचल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
ये भी पढ़ें: सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग के पास लैंडस्लाइड, 7 मजदूरों की मौत, 20 फंसे, गैस रिसाव रेस्क्यू में आ रही परेशानी



