(प्रज्ञा पांडे)। भारत में डेंगू से बचाव के लिए पहली वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। जापानी फार्मास्युटिकल कंपनी Takeda द्वारा विकसित QDENGA (TAK-003) वैक्सीन को भारत में इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी गई है। यह डेंगू के खिलाफ देश में उपलब्ध पहला वैक्सीन विकल्प है, जिसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। हर साल मानसून के दौरान भारत के कई हिस्सों में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ते हैं। एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाली यह बीमारी कई बार गंभीर रूप ले सकती है। तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, कमजोरी और गंभीर मामलों में रक्तस्राव जैसी समस्याएं मरीजों के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। लंबे समय से डेंगू नियंत्रण के लिए मच्छरों की रोकथाम और समय पर इलाज पर जोर दिया जाता रहा है, लेकिन अब वैक्सीनेशन भी इससे बचाव के एक अतिरिक्त उपाय के रूप में शामिल हो रहा है।
QDENGA एक टेट्रावेलेंट लाइव-एटेन्यूएटेड डेंगू वैक्सीन है। इसका मतलब है कि यह डेंगू वायरस के चारों प्रमुख प्रकारों… DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4, के खिलाफ शरीर में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित करने के लिए तैयार की गई है। वैक्सीन में कमजोर किए गए वायरस का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे शरीर वायरस को पहचानकर उसके खिलाफ सुरक्षा तैयार कर सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी QDENGA को प्रीक्वालिफाई किया है। WHO के अनुसार, यह वैक्सीन डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी के बोझ को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण हो सकती है। WHO ने इसके इस्तेमाल को लेकर कुछ विशेष परिस्थितियों और आयु समूहों के लिए सिफारिशें जारी की हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां डेंगू का संक्रमण ज्यादा है।
भारत में इस वैक्सीन की मंजूरी ऐसे समय में आई है जब हर साल बारिश के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैक्सीन डेंगू से बचाव की रणनीति को मजबूत कर सकती है, लेकिन यह मच्छर नियंत्रण के उपायों का विकल्प नहीं है। QDENGA का टीकाकरण शेड्यूल आमतौर पर दो खुराक का होता है, जिनके बीच लगभग तीन महीने का अंतर रखा जाता है। हालांकि, किसी व्यक्ति को वैक्सीन लगवानी चाहिए या नहीं, यह उसकी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय सलाह पर निर्भर करेगा। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि कोई भी वैक्सीन डेंगू संक्रमण को पूरी तरह खत्म करने की गारंटी नहीं देती। वैक्सीनेशन के साथ-साथ मच्छरों से बचाव, घर और आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छर नियंत्रण और व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय अभी भी जरूरी रहेंगे।
गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों सहित कुछ विशेष समूहों को वैक्सीन लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच QDENGA की मंजूरी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य कदम है। आने वाले समय में यह वैक्सीन डेंगू नियंत्रण की रणनीति में अहम भूमिका निभा सकती है, लेकिन बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन और मच्छर नियंत्रण दोनों का साथ-साथ पालन करना जरूरी होगा।



