Thursday, October 1, 2026
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Rajasthan Politics: पंचायत चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में घमासान! पूर्व मंत्री ने डोटासरा पर साले गंभीर आरोप

राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में घमासान मच गया है। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायतीराज चुनावों और हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। निकाय चुनाव के नतीजों के बाद शुरू हुई यह नाराजगी अब व्यक्तिगत और तीखे जुबानी हमलों का रूप ले चुकी है। ताजा मामला बृज क्षेत्र का है, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने एक के बाद एक कई सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष (PCC चीफ) गोविंद सिंह डोटासरा और भरतपुर-डीग के स्थानीय सांगठनिक नेतृत्व पर जोरदार सियासी हमला बोला है।

जिलाध्यक्षों पर साधा निशाना, डोटासरा को बताया ‘मूक-बधिर’

विश्वेंद्र सिंह ने सबसे पहले ‘भरतपुर-डीग कांग्रेस का बंटाधार- जिम्मेदार कौन?’ शीर्षक से पोस्ट जारी की। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया निकाय चुनावों में दोनों जिलाध्यक्षों ने पार्टी के निष्ठावान और पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर अपने चहेतों को टिकट बांटे, जिसके कारण कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा। उन्होंने कहा कि भरतपुर मुख्यमंत्री का गृह जिला है, जहां संगठन का मजबूत होना सबसे जरूरी था, लेकिन गलत फैसलों ने पार्टी की जड़ें कमजोर कर दीं। पीसीसी चीफ डोटासरा पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा कि प्रदेश अध्यक्ष इस पूरी व्यवस्था पर ‘मूक-बधिर’ बनकर बैठे हुए हैं और जब तक ये जिलाध्यक्ष पद पर हैं, तब तक पार्टी का उठ पाना मुमकिन नहीं है।

RAS, REET और OBC सर्टिफिकेट की जांच की मांग

अपने हमलों को और धार देते हुए पूर्व मंत्री ने अपनी दूसरी पोस्ट में गोविंद सिंह डोटासरा के परिवार और रिश्तेदारों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बीजेपी की ओर से पहले उठाए जाते रहे मुद्दों को हवा देते हुए कई बड़ी मांगें रख दीं:

  • RAS भर्ती विवाद: विश्वेंद्र सिंह ने 2016 और 2018 की RAS भर्ती का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि डोटासरा की पुत्रवधू प्रतिभा पूनिया और उनके भाई-बहन गौरव व प्रज्ञा पूनिया को इंटरव्यू में एक जैसे (80-80) अंक मिले थे।
  • OBC सर्टिफिकेट: उन्होंने डोटासरा के पुत्र के RAS चयन में ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र के इस्तेमाल और उनके समधी के परिवार को मिले लाभ पर भी सवाल उठाए।
  • REET परीक्षा: डोटासरा के शिक्षा मंत्री कार्यकाल के दौरान हुई REET परीक्षा में कथित अनियमितताओं की भी नए सिरे से जांच की मांग उठाई।

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इस्तीफे की मांग और बयाना बयान पर ऐतराज़

पूर्व मंत्री ने डोटासरा के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि “भरतपुर में तो रास्ता पूछने के भी पैसे ले लेते हैं।” इसे भरतपुर की जनता का अपमान बताते हुए उन्होंने कहा कि अगली बार डोटासरा के जिले में आने पर उनका ‘विशेष स्वागत’ किया जाएगा। इन तमाम तीखे बयानों के बीच विश्वेंद्र सिंह ने डोटासरा के इस्तीफे या फिर कांग्रेस आलाकमान से उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

इन सबके बीच राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या कांग्रेस के यह दिग्गज नेता आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठा सकते हैं या पार्टी से अपनी राहें जुदा कर सकते हैं। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा या पार्टी के किसी अन्य बड़े नेता की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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