Pahlaj Nihalani Death News : मुंबई। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और लिवर से जुड़ी बीमारी का इलाज करा रहे थे।उनके निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई। फिल्म जगत से जुड़े कलाकार, निर्माता और प्रशंसक सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनके अचानक निधन से इंडस्ट्री में गहरा दुख और स्तब्धता का माहौल है।
सेंसर बोर्ड में रहा चर्चित और विवादित कार्यकाल
पहलाज निहलानी वर्ष 2015 से 2017 तक CBFC के चेयरमैन रहे। उनके कार्यकाल के दौरान कई फिल्मों की सेंसरशिप और सर्टिफिकेशन को लेकर विवाद सामने आए। विशेष रूप से Udta Punjab को लेकर सेंसर बोर्ड और फिल्म निर्माताओं के बीच हुआ विवाद काफी चर्चा में रहा। उनके कई फैसलों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सेंसरशिप को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी थी। लगातार विवादों के बीच वर्ष 2017 में उन्हें पद से हटाकर प्रसून जोशी को CBFC का नया अध्यक्ष बनाया गया।
कई सुपरहिट फिल्मों के निर्माता रहे
पहलाज निहलानी ने 1982 में फिल्म हथकड़ी से बतौर निर्माता अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई लोकप्रिय और व्यावसायिक रूप से सफल फिल्में बनाई। उनकी प्रमुख फिल्मों में आंखें, शोला और शबनम, अंदाज, पाप की दुनिया, तलाश और रंगीला राजा शामिल हैं। फिल्म उद्योग में उनका योगदान केवल निर्माण तक सीमित नहीं था। उन्हें उन लोगों में गिना जाता है जिन्होंने गोविंदा और चंकी पांडे जैसे कलाकारों को शुरुआती दौर में बड़े अवसर दिए और उनके करियर को नई दिशा दी।
इंडस्ट्री में निभाई अहम भूमिका
पहलाज निहलानी 1980 से 2009 तक मोशन पिक्चर्स और टीवी प्रोग्राम प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। इस दौरान उन्होंने फिल्म और टेलीविजन उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन के साथ भारतीय फिल्म उद्योग ने एक ऐसे निर्माता और प्रशासक को खो दिया है, जिन्होंने चार दशकों से अधिक समय तक सिनेमा जगत में अपनी मजबूत पहचान बनाए रखी। उनके योगदान और विरासत को लंबे समय तक याद किया जाएगा।



