Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार जारी है. गुरुवार तड़के अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी एयर स्ट्राइक में अब तक 35 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ताजा एयरस्ट्राइक में ईरान की मिसाइल लॉन्च साइटों, रक्षा प्रतिष्ठानों और सिस्तान-बलूचिस्तान स्थित 388वीं ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया. इसके अलावा अमेरिकी सेना ने एक ऐसे जहाज पर भी कार्रवाई की, जिस पर ईरान पर लागू नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश का आरोप लगाया गया है.
बहरीन और कुवैत पर ईरान का जवाबी हमला
इसके जवाब में ईरान ने गुरुवार तड़के बहरीन और कुवैत पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए. जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने देश को निशाना बनाकर ईरान की ओर से दागी गई 8 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है.
‘ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए पूरी तरह तैयार’
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि यदि अमेरिका पीछे नहीं हटता, तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए पूरी तरह तैयार है. वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर मिडिल-ईस्ट से तेल और गैस के निर्यात को भी रोका जा सकता है.
पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंका
लगातार हो रहे हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव ने ईरान युद्ध को रोकने के लिए हुए अंतरिम समझौते को लगभग निष्प्रभावी बना दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो पूरे पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की स्थिति बन सकती है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ेगा.
ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर दिल्ली हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, ‘हर नागरिक का जीवन अनमोल’



