Wednesday, September 2, 2026
HomeLatest Newsईरान में शादी समारोह पर अमेरिकी हमले का दावा, 5 की मौत...

ईरान में शादी समारोह पर अमेरिकी हमले का दावा, 5 की मौत और 50+ घायल…जॉर्डन-बहरीन में जवाबी हमले से बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने दावा किया है कि दक्षिणी ईरान के सिरिक में अमेरिकी हमले की चपेट में शादी समारोह आया, जिसमें कई लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए। इसके बाद ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा किया है। वहीं, अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले की पुष्टि की है।

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए हैं। इनमें एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री ठिकाने, माइन बिछाने की क्षमता और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल होने की बात कही गई है। वहीं, ईरान ने आरोप लगाया है कि दक्षिणी ईरान के सिरिक इलाके में एक शादी समारोह अमेरिकी हमले की चपेट में आ गया। ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया के मुताबिक, हमले में कई लोगों की मौत हुई और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घायल बच्चों को अस्पताल में इलाज कराते हुए दिखाया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल नहीं हो सकी है।

शादी समारोह पर हमले को लेकर ईरान का गंभीर आरोप

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने आरोप लगाया कि सिरिक के कुहस्तक इलाके में एक रिहायशी घर को निशाना बनाया गया, जहां एक परिवार शादी का जश्न मना रहा था। ईरानी पक्ष के मुताबिक, इस हमले में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को गंभीर अपराध बताते हुए जवाब देने की चेतावनी दी है। ईरानी सरकारी टीवी IRIB ने शुरुआती तौर पर सिरिक में शादी समारोह पर हमले में 4 लोगों की मौत और 50 लोगों के घायल होने की जानकारी दी, जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 5 बताई गई।

खुजस्तान में भी अमेरिकी हमले का दावा

ईरान ने खुजस्तान प्रांत में भी अमेरिकी मिसाइल हमले का दावा किया है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, प्रांत में तीन स्थानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 7 लोगों की मौत और 8 लोगों के घायल होने की बात कही गई है।

ईरान का जॉर्डन और बहरीन में जवाबी हमला

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा भी किया। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया है। रॉयटर्स से बातचीत में दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक जॉर्डन में ईरानी हमले में कोई अमेरिकी हताहत नहीं हुआ है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि हमले जारी रहने के कारण स्थिति बदल सकती है।

USS Abraham Lincoln पहुंचा थाईलैंड

इसी बीच अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln बुधवार को थाईलैंड पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह युद्धपोत 200 से ज्यादा दिनों तक लगातार समुद्र में रहने के बाद करीब पांच दिन के आराम के लिए वहां पहुंचा है। इस विमानवाहक पोत पर लगभग 5,000 सैनिक और कर्मचारी तैनात हैं। यह पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े अमेरिकी मिशन का हिस्सा रहा है। लंबे समय तक समुद्र में रहने के कारण पोत पर मौजूद सैनिकों की रहने की परिस्थितियों और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं।

रूस पर ईरान को मिसाइल तकनीक देने का आरोप

इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस कथित तौर पर ईरान को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तकनीक विकसित करने में मदद कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच यह कथित कार्यक्रम 2023 से चल रहा है और इसका कोडनेम C430L बताया गया है। बताया गया है कि रूस ईरान को रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने में मदद कर रहा है। ईरान द्वारा इस तकनीक का फ्लाइट टेस्ट किए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, अभी ऐसा कोई स्पष्ट सबूत सामने नहीं आया है कि रूस की मदद से विकसित कोई सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ईरान ने युद्ध में तैनात कर दी है। ऐसी तकनीक एंटी-शिप और जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइलों में इस्तेमाल की जा सकती है। तेज रफ्तार और कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता के कारण इन्हें एयर डिफेंस सिस्टम के लिए रोकना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव की सबसे बड़ी वजह

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा तनाव का एक बड़ा कारण होर्मुज स्ट्रेट बताया जा रहा है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते में सी-माइंस यानी बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि से तेल टैंकरों और दूसरे जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज के आसपास ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई का आदेश दिया। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अमेरिकी हमलों का जवाब देता है तो अमेरिका उससे भी ज्यादा कड़ा जवाब देगा।

30 अगस्त से फिर बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य तनाव 30 अगस्त को फिर बढ़ा। अमेरिकी सेना ने ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाने की जानकारी दी थी। इसके बाद ईरान की ओर से भी नुकसान और लोगों के हताहत होने के दावे सामने आए थे। हालांकि, उस समय मृतकों और घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं की गई थी। अब सिरिक और खुजस्तान में कथित अमेरिकी हमलों तथा जॉर्डन-बहरीन में ईरान के जवाबी हमलों के दावों के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिकी सैन्य तैनाती और ईरान की जवाबी कार्रवाई के चलते पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image