Monday, May 25, 2026
HomeNational Newsमिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट: 'दुश्मन की सोच से भी भयानक...

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट: ‘दुश्मन की सोच से भी भयानक होगा वार’, ईरान की अमेरिका को खुली चुनौती

'दुश्मन ने सोचा भी नहीं होगा, ऐसा वार करेंगे!' ईरान ने अमेरिका को दी खुली चुनौती। समुद्र में तैनात हुए 15 अमेरिकी युद्धपोत, क्या शुरू होने वाला है महायुद्ध? पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें

तेहरान/वॉशिंगटन। मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध अब और गहरी होती जा रही है। ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग अब सीधे सैन्य टकराव की कगार पर पहुंच गई है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने एक सनसनीखेज बयान जारी करते हुए दुनिया को आगाह किया है कि अगर युद्ध छिड़ा, तो ईरान ऐसे घातक हथियारों का इस्तेमाल करेगा जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी।

‘अभी तो हमने पूरी ताकत दिखाई ही नहीं’

IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहब्बी सईद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब तक जो कुछ भी दुनिया ने देखा है, वह ईरान की सैन्य शक्ति का एक छोटा सा हिस्सा मात्र है। उन्होंने स्पष्ट किया-‘दुश्मन ने सपने में भी नहीं सोचा होगा, हम वैसा प्रहार करेंगे। अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो हम अपनी उन गुप्त सैन्य क्षमताओं को मैदान में उतारेंगे, जो पूरी तरह अचूक और विनाशकारी हैं।’

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का इशारा उसकी नई पीढ़ी की हाइपरसोनिक मिसाइलों, आत्मघाती ड्रोन्स और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की तरफ है, जो क्षेत्र में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल सकते हैं।

‘ईरानी रक्षा मंत्रालय का दावा: भंडार में हथियारों की कमी नहीं’

ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ‘रेजा तलाएनिक’ ने सैन्य तैयारियों पर मुहर लगाते हुए कहा कि देश के पास मिसाइलों, ड्रोन्स और आधुनिक गोला-बारूद का पर्याप्त स्टॉक है। उन्होंने भरोसा जताया कि ईरानी सेना न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि किसी भी उकसावे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह ‘रेडी मोड’ में है।

अमेरिका की घेराबंदी: 15 युद्धपोत तैनात, ट्रम्प की सीधी चेतावनी’

दूसरी ओर, अमेरिका ने भी अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी करने के लिए समुद्र में 15 से ज्यादा युद्धपोत तैनात कर दिए हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प का कड़ा रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि अगर कोई भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने या करीब आने की कोशिश करता है, तो उसे बिना देरी किए नष्ट कर दिया जाएगा।
ईरान का पलटवार: तेहरान ने अमेरिका की इस घेराबंदी को ‘आर्थिक आतंकवाद’ और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया है।

क्या विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहा है घटनाक्रम?

समुद्री रास्तों पर बढ़ती इस सैन्य हलचल ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की आपूर्ति पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं। कूटनीतिक रास्ते लगभग बंद नजर आ रहे हैं और दोनों ही देश पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो एक छोटी सी गलती या गलतफहमी इस तनाव को एक ऐसे क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकती है, जिसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए घातक होंगे।

मुख्य बिंदु जो तनाव बढ़ा रहे हैं:
-ईरान की नई और गुप्त हथियार तकनीक का डर।
-समुद्री मार्गों (Sea Routes) पर अमेरिका की भारी किलेबंदी।
-दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद का पूरी तरह टूटना।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular