Saturday, June 13, 2026
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देश के लिए कुर्बान हुआ राजस्थान का लाल, असम विमान हादसे में डीडवाना कुचामन जिले के खेमाराम कुमावत शहीद

Khemaram Kumawat Nagaur: असम के जोरहाट एयरबेस पर हुए AN-32 विमान हादसे में नागौर के पांचोता गांव निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत शहीद हो गए। हादसे में कुल पांच वायुसेना कर्मियों की जान गई।

Assam Plane Crash: राजस्थान के डीडवाना कुचामन जिले के पांचोता गांव में शनिवार को उस समय मातम छा गया, जब भारतीय वायुसेना के AN-32 परिवहन विमान हादसे में गांव के 22 वर्षीय अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत के शहीद होने की खबर पहुंची. असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए इस दर्दनाक हादसे में भारतीय वायुसेना के 5 जवानों की जान चली गई.

बताया जा रहा है कि भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान नियमित उड़ान के बाद जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग की प्रक्रिया में था. इसी दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें भीषण आग लग गई. जिससे विमान में सवार सभी 5 वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई. घटना के बाद वायुसेना ने हादसे के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश जारी कर दिए हैं.

पायलट समेत 5 की गई जान

भारतीय वायुसेना द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम शहीद हो गए. वायुसेना ने सभी दिवंगत जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.

परिवार में विवाह को लेकर चल रही थी चर्चा

शहीद खेमाराम कुमावत राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के नावा क्षेत्र स्थित पांचोता गांव के निवासी थे. वे एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखते थे. परिवार में माता-पिता, दो बड़े भाई और एक छोटी बहन हैं. परिजनों के अनुसार, खेमाराम का अग्निवीर कार्यकाल जल्द पूरा होने वाला था और परिवार उनके विवाह को लेकर चर्चा कर रहा था. लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया.

‘खेमाराम बचपन से ही देशसेवा का सपना देखते’

ग्रामीणों के अनुसार, खेमाराम बचपन से ही देशसेवा का सपना देखते थे. अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने भारतीय वायुसेना में स्थान हासिल किया था. गांव के लोगों ने बताया कि खेमाराम बेहद सरल स्वभाव और मेहनती युवा थे, जिन पर पूरे गांव को गर्व था. शहादत की खबर फैलते ही पांचोता गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई. बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शोक संतप्त परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं. गांव में हर किसी की जुबान पर खेमाराम की बहादुरी और देशभक्ति की चर्चा है.

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Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
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