US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और गंभीर हो गया है. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने ईरान के लगभग 140 सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं. इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई करने की बात कही है.
अमेरिका ने किन ठिकानों को बनाया निशाना?
CENTCOM के अनुसार, हमलों में ईरान के मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग साइट, गोला-बारूद भंडार, संचार केंद्र और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया. अमेरिकी सेना का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और नागरिक नौवहन पर हमला करने की ईरानी क्षमता को कमजोर करना है.
At 7:15 p.m. ET today, U.S. Central Command forces began launching the third round of strikes this week against Iran after Islamic Revolutionary Guard Corps forces blatantly attacked M/V GFS Galaxy, a Cyprus-flagged container ship transiting the Strait of Hormuz. A civilian crew…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 11, 2026
ईरान का पलटवार
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने रविवार सुबह बहरीन, कतर और UAE में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए. तेहरान का कहना है कि उसकी कार्रवाई केवल उन सैन्य अड्डों तक सीमित है, जहां से अमेरिका उसके खिलाफ अभियान चलाता है. ईरान ने आरोप लगाया कि खाड़ी के कुछ अरब देश अमेरिका को सैन्य सहयोग दे रहे हैं, लेकिन उसने दावा किया कि वह आम नागरिकों या रिहायशी इलाकों को निशाना नहीं बना रहा.
‘होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण बना रहेगा’
ईरान ने एक बार फिर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण बना रहेगा. तेहरान के मुताबिक, बिना समन्वय के इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को उसके राष्ट्रीय हितों के खिलाफ माना जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें रोका जाएगा.
संसद अध्यक्ष की अमेरिका को चेतावनी
ईरान के संसद अध्यक्ष और शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर अमेरिका को चेतावनी देते हुए लिखा, “एकतरफा समझौतों का दौर खत्म हो चुका है. हमने पहले ही कहा था कि या तो अपने वादे निभाइए या उसकी कीमत चुकाइए. अब हकीकत सामने है.”
The era of one-sided deals is OVER. We told you: keep your word or pay the price. Reality is knocking. pic.twitter.com/B97ogCYGaj
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) July 12, 2026
IRGC का बड़ा हमला करने का दावा
ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने ओमान के दुक्म पोर्ट पर अमेरिकी विमानवाहक पोतों के लिए इस्तेमाल होने वाले लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटर और ईंधन आपूर्ति प्लेटफॉर्म पर भारी हमला किया है.
ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, IRGC ने दावा किया कि इन ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है. संगठन ने इसे अमेरिका की बमबारी के जवाब में चलाए जा रहे जवाबी अभियान का तीसरा चरण बताया और संकेत दिया कि यदि अमेरिकी कार्रवाई जारी रही तो ईरान की प्रतिक्रिया और अधिक तीव्र होगी.



