UP Assembly Elections 2027 : लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जनगणना प्रक्रिया और प्रशासनिक तैयारियों को देखते हुए समय से पहले चुनाव की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। इसी बीच सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नेतृत्व को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही आगामी चुनाव का चेहरा बताया है।

सीएम योगी ही होंगे पार्टी का चेहरा : ब्रजेश पाठक
कानपुर में आयोजित यूपी तक कॉन्क्लेव में राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने साफ कहा कि पार्टी 2026 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ेगी। ब्रजेश पाठक ने कहा कि संगठन और सरकार दोनों स्तर पर नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम नहीं है और पूरा दल एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेगा।

इसी मंच पर नव नियुक्त मंत्री और ऊंचाहार विधायक मनोज पांडे ने भी कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों और प्रशासनिक सुधारों के कारण जनता का भरोसा मजबूत हुआ है। उन्होंने दावा किया कि “योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से ‘उत्तम प्रदेश’ बन रहा है और आगामी चुनाव भी उनके ही चेहरे पर लड़ा जाएगा।”
स्वतंत्र देव सिंह ने खत्म किया नेतृत्व विवाद
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी नेतृत्व विवाद की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उत्तर प्रदेश में चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं है। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान स्थानीय स्तर पर कुछ ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने अलग रुख भी सामने रखा। कुछ लोगों ने यूजीसी संबंधी मुद्दों और अन्य नीतिगत फैसलों पर असंतोष जताते हुए कहा कि वे इस बार राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेताओं ने ब्राह्मण समुदाय को “सनातन परंपरा का वाहक” बताते हुए कहा कि यह वर्ग हमेशा से पार्टी के साथ मजबूती से जुड़ा रहा है। नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने सनातन संस्कृति और विकास दोनों के लिए बड़े काम किए हैं, इसलिए किसी भी तरह की नाराजगी का असर चुनावी समीकरणों पर नहीं पड़ेगा।



