Twisha Sharma Case: सुप्रीम कोर्ट में ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने मामले को जिस तरह से हैंडल किया गया, उस पर चिंता जताई. इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए गठित बेंच सुनवाई कर रही है. जिसमें सीजेआई सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल हैं.
गिरिबाला सिंह के मीडिया इंटरव्यू पर नाराजगी जताई
सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार हो चुका है. उन्होंने आरोपी पक्ष से जुड़े इंटरव्यू, विशेष रूप से गिरिबाला सिंह के मीडिया इंटरव्यू पर नाराजगी जताई. सूर्यकांत ने कहा, ‘हमें दुख है कि इस मामले को जिस तरह हैंडल किया गया. हम अपने मीडिया मित्रों से अनुरोध करते हैं कि वे घरवालों या रिश्तेदारों के बयानों के आधार पर मामले को तय न करें. किसी स्वतंत्र एजेंसी को जांच करनी चाहिए.’
मीडिया में बयानबाजी से बचने की सख्त सलाह
अदालत ने दोनों पक्षों को मीडिया में बयानबाजी से बचने की सख्त सलाह दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच पहले से जारी है और अब CBI मामले की जांच करेगी, इसलिए सभी पक्ष वहां अपना पक्ष रखें. CJI ने यह भी कहा कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे न्यायपालिका मामले में हस्तक्षेप कर रही हो, जो सही नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपियों के इंटरव्यू क्यों प्रसारित किए जा रहे हैं. हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि वह पुलिस का मनोबल गिराना नहीं चाहती.
CBI करेगी मामले में जांच
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि CBI इस मामले की जांच अपने हाथ में लेगी. सुप्रीम कोर्ट ने इसे रिकॉर्ड पर लिया और उम्मीद जताई कि जांच एजेंसी जल्द कार्रवाई शुरू करेगी.
गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा के परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना, दहेज मांगने और मामले को दबाने के आरोप लगाए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक चर्चाओं को देखते हुए CJI ने रजिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी थी. इसके बाद मामले पर स्वतः संज्ञान लेकर विशेष बेंच गठित की गई.
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