H1B Visa News : वॉशिंगटन। अमेरिका में एच-1बी वीजा आवेदनों पर प्रस्तावित एक लाख अमेरिकी डॉलर के शुल्क को निरस्त करने वाले संघीय अदालत के फैसले का रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के सांसदों ने स्वागत किया है। हालांकि, व्हाइट हाउस इस फैसले को अपीलीय अदालत में चुनौती दे सकता है। रिपब्लिकन सांसदों ने एच1बी वीजा के उस पहलू पर जोर दिया, जिसके तहत स्वास्थ्यकर्मियों और शिक्षकों की भर्ती होती है। इनकी विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में कमी है। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की अपेक्षा इन पेशेवरो की जरूरतों को अधिक महत्व दिया, जबकि एच1बी वीजा का सबसे अधिक लाभ आईटी क्षेत्र को मिलता है।
रिपब्लिकन सांसद लीजा मुरकोवस्की ने कहा, राज्य के देहात एवं दूरदराज़ क्षेत्रों के कई जिले अपने यहां स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की भर्ती के करने के लिये एच1 बी वीजा कार्यक्रम पर निर्भर हैं। अलास्का से रिपब्लिकन सीनेटर मुरकोवस्की ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में एच1बी वीजा कोई दलगत मुद्दा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत का यह आदेश ऐसे महत्वपूर्ण समय पर आया है, जब अगले शैक्षणिक सत्र से पहले स्कूलों में भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने संकेत दिया कि संघीय अदालत के इस आदेश को अपीलीय अदालत में चुनौती दी जाएगी।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा, एच1बी वीजा कार्यक्रम का दशकों से दुरुपयोग होता रहा है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार इसे सुधारने के लिए कदम उठाया है। रोजर्स ने कहा, वॉशिंगटन की एक संघीय अदालत पहले ही लगभग इसी तरह के आदेश को बरकरार रख चुकी है और प्रशासन को विश्वास है कि अपील में इस आदेश को पलट दिया जाएगा। कांग्रेस सदस्य डॉन बेयर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, मुझे यह देखकर खुशी हुई कि अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अवैध एच-1बी वीजा शुल्क पर रोक लगा दी। इस शुल्क के कारण देशभर में पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रही स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी संस्थाओं पर अतिरिक्त खर्च और अनावश्यक बोझ पड़ रहा था। वहीं, रिपब्लिकन सांसद माइक लॉलेर ने संघीय अदालत के इस आदेश का स्वागत किया और कहा कि वह स्वास्थ्यकर्मियों को इस शुल्क से छूट दिलाने के लिए एक विधेयक पर काम कर रहे हैं।
एक लाख अमेरिकी डॉलर शुल्क को रोकने वाले फैसले का स्वागत किया : सांसद सैनफोर्ड
जॉर्जिया से डेमोक्रेट सांसद सैनफोर्ड डी बिशप जूनियर ने भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियोक्ताओं के एच1बी वीजा आवेदन पर प्रस्तावित एक लाख अमेरिकी डॉलर शुल्क को रोकने वाले फैसले का स्वागत किया। बिशप ने कहा, नियोक्ताओं के एच1 बी वीजा आवेदनों पर एक लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क अमेरिका आने वाले सर्वश्रेष्ठ और सबसे प्रतिभाशाली लोगों को हतोत्साहित करता। इससे वे लोग, जो हमारी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं, अमेरिका आने से पीछे हट जाते।
पिछले वर्ष यह मुकदमा दायर करने वाले बहु-राज्यीय गठबंधन का नेतृत्व कर रहे कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने भी इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकी नियोक्ताओं को स्वास्थ्य सेवा जैसे उन क्षेत्रों में रिक्त पद भरने में मदद मिलेगी, जहां श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।न्यू जर्सी के अटॉर्नी जनरल जेनिफर डेवेनपोर्ट ने भी इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, अदालतों ने हमारी इस बात से सहमति जताई है कि ट्रंप प्रशासन सभी एच1बी वीजा आवेदकों पर अभूतपूर्व एक लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क नहीं लगा सकता। वहीं, अन्य सांसदों एवं लोगों ने भी अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है।



