Donald Trump China Visit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रतिनिधिमंडल की हालिया चीन यात्रा को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन से रवाना होने से पहले अमेरिकी डेलिगेशन ने चीन की ओर से दिए गए गिफ्ट, बैज, आईडी कार्ड और यहां तक कि मोबाइल फोन तक डस्टबिन में फेंक दिए. दावा है कि यह कदम संभावित साइबर जासूसी और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के खतरे को देखते हुए उठाया गया.
NYP Reporter: Prior to boarding Air Force One to depart Beijing, the entire U.S. delegation disposed of every item provided to them by their Chinese hosts. Gifts, badges, pins, and commemorative items were all dumped into a trash bin on site. The directive was absolute, no item… pic.twitter.com/4Dpo0YRmzT
— Open Source Intel (@Osint613) May 15, 2026
एयरफोर्स वन में लाने की नहीं थी इजाजत
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों और मीडिया कर्मियों को दिए गए चीनी मोबाइल फोन भी विमान में चढ़ने से पहले फेंक दिए गए. इतना ही नहीं, चीन में बनी किसी भी वस्तु को एयर फोर्स वन में ले जाने की अनुमति नहीं थी. अमेरिकी अधिकारियों के निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी सामान्य तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया. वापसी की उड़ान के दौरान इन डिवाइसों को विशेष ‘फैराडे बैग’ में रखा गया, ताकि किसी भी संभावित डिजिटल ट्रैकिंग या सिग्नल निगरानी से बचा जा सके. सूत्रों के मुताबिक, यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि पहले से तैयार किया गया काउंटर-इंटेलिजेंस प्रोटोकॉल था, जिसे अमेरिका वर्षों से चीन और रूस जैसे देशों के दौरों के दौरान अपनाता रहा है.
अमेरिकी पत्रकार की पोस्ट वायरल होने पर चर्चा में आया मामला
यह मामला तब और ज्यादा चर्चा में आया जब पत्रकार एमिली गुडिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा अमेरिकन स्टाफ़ ने चीनी अधिकारियों का दिया हुआ सब कुछ ले लिया क्रेडेंशियल, WH स्टाफ़ के बर्नर फ़ोन, डेलीगेशन पिन को हमारे एयरफोर्ट वन पर चढ़ने से पहले इकट्ठा किया और सीढ़ियों के नीचे एक कूड़ेदान में फेंक दिया गया. प्लेन में चीन से कुछ भी लाना अलाउड नहीं था. हम जल्द ही अमेरिका के लिए टेक ऑफ़ करने वाले हैं. इस पोस्ट के सामने आने के बाद से ही इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं.
American staff took everything Chinese officials handed out – credentials, burner phones from WH staff, pins for delegation – collected them before we got on AF1 and threw them in a bin at bottom at stairs.
— Emily Goodin (@Emilylgoodin) May 15, 2026
Nothing from China allowed on the plane. We’re taking off shortly for…
ट्रंप का बयान भी चर्चा में
जब राष्ट्रपति ट्रंप से चीन की जासूसी गतिविधियों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब भी काफी चर्चा में आ गया. ट्रंप ने कहा कि हमने इस पर चर्चा नहीं की, क्योंकि हम भी उन पर जासूसी करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे वे हम पर करते हैं.
ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम अमेरिका और चीन के रिश्तों में मौजूद गहरे अविश्वास और बढ़ते रणनीतिक तनाव को दर्शाता है.
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