कोटा। टाइगर श्रॉफ फायरिंग प्रकरण में पुलिस की पड़ताल के दौरान तीसरे गिरफ्तार आरोपी की उम्र को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। शुरुआत में जिस आरोपी को नाबालिग बताया जा रहा था, वह जांच में बालिग निकला। आरोपी की पहचान फूल सिंह के रूप में हुई है। इससे पहले मामले में गिरफ्तार दो अन्य आरोपियों के नाम ऋतिक और रेहान सामने आए थे। तीसरे आरोपी की उम्र को लेकर हुई जांच के बाद अब तीनों आरोपियों की पहचान और उनके कानूनी दस्तावेजों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो गई है। आरोपियों की उम्र का निर्धारण मामले की कानूनी प्रक्रिया में अहम होता है, क्योंकि नाबालिग और बालिग आरोपियों से संबंधित कार्रवाई के नियम अलग-अलग होते हैं। ऐसे में तीसरे आरोपी के बालिग पाए जाने की जानकारी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कोटा के रेलवे कॉलोनी थाने में रखे गए तीनों आरोपी
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों को कोटा के रेलवे कॉलोनी थाने में रखा गया था। कोटा पुलिस ने आरोपियों को मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की थी। इसके बाद मुंबई पुलिस उन्हें अपने साथ ले जाने की तैयारी में जुटी थी। जानकारी के अनुसार, मुंबई पुलिस ने अदालत से ट्रांजिट वारंट हासिल कर लिया था। ट्रांजिट वारंट मिलने के बाद आरोपियों को दूसरे शहर ले जाने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। पुलिस का उद्देश्य तीनों आरोपियों को मुंबई ले जाकर फायरिंग की घटना से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करना था। इस कार्रवाई के दौरान कोटा सिटी पुलिस की निगरानी भी जारी रही। सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही थीं। आरोपियों को मुंबई ले जाने के लिए पुलिस दल की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से मुंबई ले जाने की तैयारी
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोटा से मुंबई ले जाने के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के रास्ते जाने की योजना बनाई थी। ट्रांजिट वारंट मिलने के बाद पुलिस दल आगे की कार्रवाई के लिए रवाना होने की तैयारी में था। कोटा में आरोपियों की मौजूदगी और उन्हें मुंबई पुलिस को सौंपे जाने की कार्रवाई इस मामले की जांच का महत्वपूर्ण चरण रही। मुंबई में हुई फायरिंग की घटना के बाद अलग-अलग पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय के जरिए संदिग्धों तक पहुंचने और उन्हें जांच के लिए संबंधित शहर ले जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। आरोपियों को मुंबई ले जाने के बाद उनसे पूछताछ, कथित भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जानी थी। हालांकि, पूछताछ में सामने आए निष्कर्षों और आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि आधिकारिक पुलिस बयान या अदालत के रिकॉर्ड के आधार पर ही की जानी चाहिए।
18 अक्टूबर की शाम टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई थी फायरिंग
इस मामले की शुरुआत 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग की घटना से हुई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, टाइगर श्रॉफ शाम करीब सात बजे फुटबॉल मैदान से निकलकर अपनी गाड़ी में जा रहे थे। उस समय आसपास प्रशंसकों की भीड़ मौजूद थी। इसी दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने अभिनेता की गाड़ी पर लगातार गोलियां चलाईं। रिपोर्ट में सात गोलियां चलाए जाने की बात कही गई है। अचानक हुई फायरिंग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई। हमले के बाद अभिनेता अपने ड्राइवर को अस्पताल लेकर गए। इस दौरान अभिनेता को भी मामूली चोट लगने की खबर सामने आई थी। टाइगर श्रॉफ के साथ अभिनेता करणवीर मेहरा और अभिषेक बजाज भी मौजूद बताए गए। उनकी गाड़ियां अभिनेता की गाड़ी के पीछे चल रही थीं। घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की और हमलावरों की पहचान करने के लिए कार्रवाई तेज की।
हमले के बाद अस्पताल पहुंचे थे टाइगर श्रॉफ
फायरिंग की घटना के बाद टाइगर श्रॉफ ने अपने घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनेता के हाथ और शरीर पर पट्टियां भी दिखाई दी थीं। इसके बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें घर पहुंचाया गया। घटना के बाद अभिनेता के परिवार में भी चिंता का माहौल रहा। उनके पिता जैकी श्रॉफ और मां आयशा श्रॉफ की ओर से अभिनेता के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी साझा किए जाने की खबर सामने आई थी। परिवार की ओर से बताया गया कि टाइगर सुरक्षित हैं। हालांकि, इस घटना में ड्राइवर को गंभीर चोट लगने की जानकारी ने मामले की गंभीरता को बढ़ा दिया। पुलिस ने हमलावरों की पहचान, घटना के कारण और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच शुरू की।
मुंबई पुलिस की जांच में आरोपियों की भूमिका अहम
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने फायरिंग की पूरी घटना का क्रम स्पष्ट करने की चुनौती है। पुलिस को यह पता लगाना है कि कथित तौर पर वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया, आरोपी घटना से पहले कहां थे और उनके बीच किस प्रकार संपर्क हुआ। इसके साथ ही आरोपियों की पहचान, उम्र और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों का मिलान भी जांच का हिस्सा हो सकता है। मुंबई पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल करेगी। तीसरे आरोपी के बालिग पाए जाने की जानकारी इस मामले में कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हालांकि, आरोपियों की कथित भूमिका और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में अब तक क्या-क्या हुआ?
- 18 अक्टूबर: मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग की घटना हुई।
- घटना के बाद: पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू की।
- कोटा में कार्रवाई: मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा गया।
- आरोपियों की पहचान: दो आरोपियों के नाम ऋतिक और रेहान बताए गए, जबकि तीसरे की पहचान फूल सिंह के रूप में सामने आई।
- उम्र को लेकर खुलासा: शुरुआती जानकारी में नाबालिग बताया जा रहा तीसरा आरोपी जांच में बालिग निकला।
- ट्रांजिट वारंट: मुंबई पुलिस ने आरोपियों को मुंबई ले जाने के लिए अदालत से ट्रांजिट वारंट हासिल किया।
- आगे की जांच: आरोपियों को मुंबई ले जाकर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की तैयारी की गई।



