नई दिल्ली। दिल्ली के मौजपुर स्थित एक प्लेस्कूल में तीन साल के बच्चे के साथ कथित तौर पर मारपीट और प्रताड़ना के मामले ने राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना को बेहद चिंताजनक बताया और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी ने प्लेस्कूल परिसर को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोमवार को बताया गया कि घटना की पुलिस जांच जारी है और सरकार मामले में जिम्मेदारी तय करेगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि बच्चे के साथ किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुर्सी से बांधकर मारपीट का आरोप
पुलिस के अनुसार, बच्चे को कथित तौर पर कई घंटे तक कुर्सी से बांधकर रखा गया और उसके साथ शारीरिक हिंसा की गई। मामला तब सामने आया जब बच्चे के माता-पिता ने उसके व्यवहार में अचानक बदलाव देखा और शरीर पर चोट के निशान पाए। बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाने पर चिकित्सकीय जांच में उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार के संकेत मिले। दोनों कानों की नलिकाओं में सूजन भी पाई गई।
इसके बाद परिजनों ने प्लेस्कूल प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की। फुटेज देखने के बाद कथित मारपीट की तस्वीरें सामने आईं। बच्चे के पिता, जो पेशे से वकील हैं, की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल पहुंचकर सीसीटीवी रिकॉर्डर अपने कब्जे में लिया और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।
अटेंडेंट गिरफ्तार, अन्य पर भी केस
पुलिस ने मामले में एक अटेंडेंट को गिरफ्तार किया है। वहीं स्कूल की शिक्षिका, प्रधानाचार्य और निदेशक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी बच्चे के साथ हुई घटना की पूरी परिस्थितियों और इसमें अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक घटना सामने आने से पहले बच्चा कई दिनों से परेशान था। वह शौचालय जाने से डर रहा था, बेचैन रहता था और रात में लगातार रोता था। चिकित्सकीय जांच में उसके चेहरे और हाथों पर भी चोट के निशान बताए गए हैं।
परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में स्कूल कर्मचारियों ने सीसीटीवी फुटेज दिखाने में तकनीकी दिक्कत का हवाला देकर टालमटोल की। बाद में फुटेज दिखाने के लिए उनसे 1,500 रुपये मांगे गए। भुगतान के बाद रिकॉर्डिंग देखने पर कथित हिंसा का पता चला।



