Muzaffarpur Hospital Fire : मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां प्रसाद अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लगने से अब तक 3 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है। इस हादसे में 20 से अधिक मरीजों के घायल होने की भी सूचना है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि गंभीर मरीजों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या आगे और बढ़ सकती है। फिलहाल अस्पताल और आसपास के चिकित्सा केंद्रों में घायलों का इलाज जारी है और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। जिलाधिकारी सुब्रत सेन ने तीन मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल तीन शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई गंभीर मरीजों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

दमकल कर्मियों ने खिड़की-दरवाजे तोड़कर किया रेस्क्यू
परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन ने मृत मरीजों के शव तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराए, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार, जब फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची तो अस्पताल का अधिकांश स्टाफ वहां से गायब था। इस वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आईसीयू और अन्य वार्डों की खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर अंदर फंसे मरीजों को बाहर निकाला। इस साहसिक कार्रवाई के चलते कई मरीजों की जान बचाई जा सकी, हालांकि कई लोग अभी भी गंभीर हालत में बताए जा रहे हैं।
मुजफ्फरपुर अग्निकांड : बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
इस हादसे में अब तक 20 से अधिक मरीजों के घायल होने की सूचना है, जिनमें कई की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए मृतकों की संख्या आगे बढ़ सकती है। जिलाधिकारी सुब्रत सेन ने अब तक 3 मरीजों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि फिलहाल तीन शव बरामद किए गए हैं और कुछ गंभीर मरीजों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। वहीं, घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि आग लगने के कारणों और हालात की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
मुजफ्फरपुर हादसे में प्रशासन पर गंभीर आरोप
अग्निकांड के बाद पीड़ित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अस्पताल में मौजूद मरीजों के रिश्तेदारों का कहना है कि हादसे के बाद स्थिति बेहद भयावह हो गई और समय पर कोई उचित सहायता नहीं मिल सकी। एक पीड़ित परिवार ने दावा किया कि उनके पिता, जो ICU में भर्ती थे, इस हादसे में उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने न तो उन्हें समय पर जानकारी दी और न ही मृतक का शव सौंपा गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगने के बाद अस्पताल का कई स्टाफ और डॉक्टर परिसर से गायब हो गए, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। इस घटना को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।



