Saturday, June 6, 2026
HomeLatest Newsहोर्मुज में अमेरिकी की बड़ी कार्रवाई, ईरान के चार ड्रोन मार गिराने...

होर्मुज में अमेरिकी की बड़ी कार्रवाई, ईरान के चार ड्रोन मार गिराने का दावा, संघर्षविराम पर मंडराया नया खतरा

अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे ईरान के चार ड्रोन मार गिराए और जवाबी कार्रवाई में ईरानी तटीय रडार ठिकानों पर हमला किया। बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान से जुड़े तेल टैंकर पर नियंत्रण किया तथा ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों, कंपनियों और जहाजों पर नए प्रतिबंध लगाए।

US-Iran Tensions : चिप्पेवा फॉल्स। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे ईरान के चार ड्रोन मार गिराए। इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका ने ईरान के कुछ तटीय निगरानी रडार ठिकानों को निशाना बनाया। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच जारी नाजुक संघर्षविराम पर नए सिरे से संकट खड़ा कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा ईरान पर लगातार दबाव बढ़ाए जाने के बीच यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं। हालांकि ताजा घटनाक्रम ने क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है और संघर्षविराम के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

होर्मुज में अमेरिकी कार्रवाई से बढ़ा ईरान तनाव

अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रही है। यह कदम वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान द्वारा बनाए गए दबाव के जवाब में उठाया गया है। इस स्थिति के कारण ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल आया है और मध्यावधि संसदीय चुनावों से पहले राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ‘‘भविष्य में हमलों से बचाव के लिए’’ उसने जलडमरूमध्य के एक द्वीप समेत कई रडार ठिकानों को निशाना बनाया।

यह हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच हुए जवाबी हमलों की ताजा घटना है। इसी सप्ताह ईरानी ड्रोन हमलों में कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, कई लोग घायल हुए थे और कुछ समय के लिए हवाई अड्डा बंद करना पड़ा था। इन हमलों से संघर्षविराम टूटने की आशंकाएं बढ़ी हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘ईरान के साथ स्थिति काफी अच्छी लग रही है।’’

विस्कॉन्सिन में किसानों के एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, ‘‘हम बहुत जल्द ईरान मुद्दे से बाहर निकलेंगे और किसी भी सूरत में नतीजा मजबूत होगा, चाहे वह किसी समझौते के जरिए हो या फिर कठोर तरीके से। कठोर तरीका शायद आसान हो, लेकिन किसी न किसी रूप में हम इससे निकलेंगे और उर्वरकों की कीमतें फिर से चार महीने पहले की तरह काफी कम हो जाएंगी।’’

संघर्षविराम के बीच फिर भड़का अमेरिका-ईरान विवाद

ट्रंप अब ऐसे संघर्ष में घिरते दिखाई दे रहे हैं जो लंबे समय से गतिरोध की स्थिति में है। अमेरिका और ईरान के वार्ताकारों ने एक सप्ताह पहले संघर्षविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से वार्ता शुरू करने के लिए एक प्रारंभिक समझौता किया था। हालांकि ट्रंप ने इसमें कुछ बदलावों की मांग की है और ईरानी अधिकारियों ने अब तक सार्वजनिक रूप से इस समझौते को मंजूरी देने के संकेत नहीं दिए हैं। जब ट्रंप से पूछा गया कि इसमें इतना समय क्यों लग रहा है, तो उन्होंने ‘एनबीसी’ के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में कहा, यह उनके लिए बहुत कठिन मामला है। वे बेहद स्वतंत्र हैं, मजबूत हैं और उन्हें अपने स्वाभिमान पर गर्व है।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के पास अब भी लगभग 21 से 22 प्रतिशत मिसाइल भंडार शेष हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में ड्रोन मार गिराने की कार्रवाई के अलावा अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को यह भी बताया कि उसकी नौसेना ने हिंद महासागर में ईरान से जुड़े एक और प्रतिबंधित तेल टैंकर पर नियंत्रण किया है। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान को तेल और अन्य वस्तुओं की बिक्री से लाभ कमाने से रोकना चाहता है।इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाते हुए कई व्यक्तियों, कंपनियों और तेल टैंकरों पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image