Rahul Gandhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दावा किया कि सरकार जिस परियोजना को रक्षा और सामरिक महत्व का बता रही है, उसका वास्तविक उद्देश्य एक उद्योगपति को लाभ पहुंचाना है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस परियोजना के नाम पर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है और स्थानीय आदिवासी समुदायों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है.
राहुल गांधी ने अंडमान यात्रा का वीडियो किया शेयर
राहुल गांधी ने हाल ही में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की अपनी यात्रा पर आधारित 16 मिनट से अधिक का एक वीडियो जारी किया. वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत के सबसे दक्षिणी छोर इंदिरा प्वाइंट का दौरा किया, सदियों पुराने जंगलों को देखा और दुनिया की सबसे समृद्ध मूंगा चट्टानों वाले क्षेत्रों में गोताखोरी की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और आदिवासी समुदायों से भी मुलाकात की।
‘आदिवासी समुदायों की जमीन छीनी जा रही’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करते हुए आदिवासी समुदायों की जमीन छीनी जा रही है और उन्हें उचित मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा. उन्होंने कहा कि सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से जोड़कर पेश कर रही है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है.
‘INS बाज एयरबेस के विस्तार की बात होती तो हम सरकार के साथ’
राहुल गांधी ने कहा कि यदि भारतीय नौसेना के सामरिक महत्व वाले INS बाज एयरबेस के विस्तार की बात होती है तो कांग्रेस उसका पूरा समर्थन करेगी. उन्होंने दावा किया कि नौसेना पिछले 5 वर्षों से इसके विस्तार की मांग कर रही है, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया.
PM @narendramodi जी,
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 5, 2026
INS Baaz, UPA सरकार में स्थापित किया गया नौसैनिक अड्डा, पिछले पाँच साल से विस्तार की माँग कर रहा है। मगर, सरकार ने नौसेना की बात अनसुनी कर दी।
अगर आप Great Nicobar project को देश की सुरक्षा से जोड़ते हैं तो आज ही INS Baaz का विस्तार कीजिए। मैं पूरी तरह…
राहुल गांधी ने लगाया बड़ा आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के तहत बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की जा रही है और पर्यावरणीय प्रभावों को नजरअंदाज किया जा रहा है. राहुल गांधी के मुताबिक, आधिकारिक नक्शों से मूंगा चट्टानों को हटाया गया, जबकि सैनिकों और स्थानीय समुदायों को विस्थापित करने की तैयारी की जा रही है ताकि वहां होटल और कैसीनो जैसे व्यावसायिक प्रोजेक्ट विकसित किए जा सकें.
जयराम रमेश ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार रणनीतिक महत्व का हवाला देकर एक ऐसी परियोजना को आगे बढ़ा रही है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है. रमेश ने इसे एक व्यावसायिक परियोजना बताते हुए आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य एक उद्योगपति को फायदा पहुंचाना है. उन्होंने लोगों से इस परियोजना के खिलाफ राहुल गांधी द्वारा शुरू की गई एक ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया.
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