जयपुर/जोधपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखा हमला बोला है। जोधपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में गहलोत ने सरकार पर क्षेत्रीय उपेक्षा, लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी और जनहित के मुद्दों की उपेक्षा करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के बाद जोधपुर और मारवाड़ क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों को सरकारी कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है।
गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान कभी भी किसी क्षेत्र के साथ राजनीतिक आधार पर भेदभाव नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के शासन में ऐसा माहौल बना दिया गया है कि अधिकारी और भाजपा के नेता भी विपक्ष के नेताओं से मिलने से कतराते हैं। उनके अनुसार यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है।
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सिलिकोसिस मरीजों की सहायता राशि रोकने का लगाया आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने जनहित के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि सिलिकोसिस और दमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को मिलने वाली आर्थिक सहायता लंबे समय से अटकी हुई है। उनका आरोप है कि कई महीनों से फाइलें आगे नहीं बढ़ रही हैं और जरूरतमंद मरीज सरकारी सहायता के इंतजार में परेशान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई है, तो उसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन इसकी आड़ में पूरे प्रदेश के गरीब और गंभीर बीमार मरीजों की सहायता राशि रोकना उचित नहीं है।
रेवंत राम डांगा पर लगे आरोपों का भी किया जिक्र
अशोक गहलोत ने खींवसर से भाजपा विधायक रेवंत राम डांगा पर सामने आए कथित सरकारी जमीन कब्जे और बिजली के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मीडिया में लगातार इस मामले से जुड़ी खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई स्पष्ट कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। गहलोत ने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगते हैं तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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मानगढ़ धाम और आदिवासी मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने मानगढ़ धाम और आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी वीरों के सम्मान और विकास से जुड़े मामलों में केंद्र और राज्य सरकार को अधिक संवेदनशील रवैया अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
आरोपों पर बढ़ी सियासी गर्माहट
गहलोत के इन बयानों के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस इसे जनहित के मुद्दों को उठाने की कोशिश बता रही है, जबकि भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दे रही है। अब देखना होगा कि गहलोत द्वारा उठाए गए मुद्दों पर राज्य सरकार क्या प्रतिक्रिया देती है और संबंधित मामलों में कोई कार्रवाई होती है या नहीं।



