नई दिल्ली। गुजरात के जामनगर जिले के छोटे से गांव Vasai से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले Bhavin Rabari की कहानी प्रतिभा और सही मौके की मिसाल है। फिल्मी परिवार से कोई संबंध नहीं होने के बावजूद Bhavin ने गुजराती फिल्म Chhello Show में मुख्य बाल कलाकार की भूमिका निभाई और अपने स्वाभाविक अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचा।
Bhavin का जन्म 2012 में हुआ था। उनके पिता लग्जरी कोच चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। उनका बचपन गुजरात के ग्रामीण माहौल में बीता और अभिनय की दुनिया से उनका कोई पुराना जुड़ाव नहीं था। यही वजह है कि फिल्म के लिए उनका चयन और उसके बाद मिली सफलता खास मानी जाती है।
हजारों बच्चों के बीच मिला मौका
निर्देशक Pan Nalin को Chhello Show के मुख्य किरदार Samay के लिए ऐसे बच्चे की तलाश थी, जिसका अभिनय बनावटी न लगे। इसके लिए करीब 3,000 बच्चों का ऑडिशन लिया गया। Bhavin की सहजता और उनके व्यक्तित्व ने निर्देशक को प्रभावित किया और उन्हें फिल्म में मुख्य भूमिका मिल गई।
फिल्म में Bhavin ने Samay नाम के ऐसे बच्चे का किरदार निभाया, जिसे सिनेमा से गहरा लगाव हो जाता है। कहानी ग्रामीण गुजरात की पृष्ठभूमि में एक बच्चे की जिज्ञासा, सपनों और फिल्मों की दुनिया से उसके जुड़ाव को दिखाती है। फिल्म को निर्देशक Pan Nalin के बचपन की यादों से भी प्रेरणा मिली थी।
Oscar तक पहुंची फिल्म, Bhavin को मिला National Award
Chhello Show, जिसे Last Film Show के नाम से भी जाना जाता है, 95वें Academy Awards के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री बनी थी। हालांकि फिल्म अंतिम Oscar nominations में जगह नहीं बना सकी, लेकिन इस सफर ने Bhavin को अंतरराष्ट्रीय पहचान जरूर दिलाई।
इसके बाद 69वें National Film Awards में Bhavin Rabari को Best Child Artist का पुरस्कार मिला। इसी समारोह में Chhello Show को Best Gujarati Film का सम्मान भी मिला।
Bhavin की यात्रा की खास बात यह है कि उन्होंने किसी फिल्मी नेटवर्क या बड़े शहर से शुरुआत नहीं की। एक सामान्य ग्रामीण परिवार से आने वाले बच्चे ने अपनी सहज अदाकारी के दम पर राष्ट्रीय पुरस्कार तक का सफर तय किया। Chhello Show ने उन्हें सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर पहचान नहीं दी, बल्कि उनकी कहानी छोटे शहरों और गांवों में छिपी प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई।



