प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अगले कुछ दिनों में दुनिया भर के नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए जुटेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह शिखर सम्मेलन विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित होकर विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा का साक्षी बनेगा।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-
“सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्।
सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥”
इस सुभाषितम् का अर्थ यह है कि व्यक्ति को हमेशा गुणी लोगों के बीच रहना चाहिए और उनकी संगति अपनानी चाहिए। व्यक्ति को गुणी लोगों के साथ बातचीत करनी चाहिए और उनसे मैत्रीपूर्ण संबंध बनाने चाहिए, क्योंकि आपसी सद्भावना, संवाद और मैत्रीपूर्ण संबंध शांति एवं सहयोग को मजबूत करते हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता BRICS Summit के लिए जुटेंगे। पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।
सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्।
सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥”



