जयपुर। राजस्थानी सिनेमा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम उपलब्धि सामने आई है। जयपुर के फिल्ममेकर और निर्देशक दीपांकर प्रकाश की राजस्थानी फीचर फिल्म ‘अंडर द टर्बन’ की रूस के कजान शहर में विशेष स्क्रीनिंग होगी। यह फिल्म 14 से 18 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले रूस-भारत सांस्कृतिक एवं सिनेमाई आदान-प्रदान कार्यक्रम में प्रदर्शित की जाएगी। इस कार्यक्रम में दीपांकर प्रकाश की भूमिका सिर्फ फिल्म की स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं रहेगी। वे रूस-भारत को-प्रोडक्शन एक्सचेंज कार्यक्रम में पैनलिस्ट के तौर पर भी शामिल होंगे। इस पैनल में भारतीय सिनेमा के दिग्गज गीतकार, लेखक और फिल्मकार गुलजार के साथ रविता दत्ता सहित फिल्म जगत से जुड़ी अन्य हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।
राजस्थान की भाषा और समाज की कहानी अंतरराष्ट्रीय मंच पर
‘अंडर द टर्बन’ राजस्थानी भाषा में बनी फीचर फिल्म है। फिल्म की कहानी राजस्थान के सामाजिक और पारिवारिक परिवेश से जुड़ी है। इसमें परिवार, परंपरा, पितृसत्ता, जातिगत संरचना और बदलते सामाजिक रिश्तों जैसे विषयों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। फिल्म के जरिए राजस्थान की स्थानीय भाषा और संस्कृति के साथ-साथ समाज में समय के साथ आ रहे बदलावों को भी सामने रखने की कोशिश की गई है। ऐसे में कजान में फिल्म की स्क्रीनिंग को राजस्थानी सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच के तौर पर देखा जा रहा है।
रूस-भारत को-प्रोडक्शन पर होगी चर्चा
दीपांकर प्रकाश जिस रूस-भारत को-प्रोडक्शन एक्सचेंज में हिस्सा लेंगे, वहां भारत और रूस के बीच फिल्म निर्माण और सह-निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्मों के को-प्रोडक्शन, वित्तीय सहयोग, तकनीकी साझेदारी और क्षेत्रीय कहानियों को दूसरे देशों के दर्शकों तक पहुंचाने जैसे मुद्दे इस चर्चा का हिस्सा होंगे। खास बात यह है कि दीपांकर प्रकाश इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर राजस्थानी भाषा में बनी फीचर फिल्म के साथ अपनी बात रखेंगे।
दीपांकर प्रकाश ने बताया खास अवसर
दीपांकर प्रकाश ने कजान में फिल्म की स्क्रीनिंग और को-प्रोडक्शन एक्सचेंज में शामिल होने को राजस्थानी सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उनके मुताबिक, फिल्म पूरी तरह राजस्थान की भाषा, संस्कृति और सामाजिक परिवेश से निकली है और इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने इसे सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि राजस्थानी सिनेमा की कहानियों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल सर्किट में भी पहुंची फिल्म
‘अंडर द टर्बन’ का निर्माण राजस्थान में किया गया है और फिल्म को अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल सर्किट में भी प्रदर्शित किया जा रहा है। कजान में होने वाली विशेष स्क्रीनिंग फिल्म के इसी अंतरराष्ट्रीय सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव होगी। राजस्थानी सिनेमा अपनी लोक संस्कृति, संगीत, बोली और सामाजिक कहानियों के लिए जाना जाता है। ऐसे में क्षेत्रीय भाषा की किसी फिल्म का विदेशी मंच तक पहुंचना स्थानीय कहानियों के लिए नए दर्शकों और अंतरराष्ट्रीय अवसरों की संभावनाएं भी बढ़ाता है।



