(प्रज्ञा पांडे)। सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और पूजा-अर्चना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है और कई लोग अपने घर के मंदिर में भी शिवलिंग स्थापित कर नियमित पूजा करते हैं। हालांकि, घर में शिवलिंग रखने से पहले लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि सफेद शिवलिंग रखना ज्यादा शुभ होता है या काला (नर्मदेश्वर) शिवलिंग। इसके साथ ही शिवलिंग का आकार कितना होना चाहिए और उसे किस दिशा में रखना चाहिए, यह जानना भी जरूरी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में सफेद शिवलिंग और काला नर्मदेश्वर शिवलिंग दोनों ही शुभ माने जाते हैं। अगर आप घर में शांति, सुख-समृद्धि और मानसिक एकाग्रता चाहते हैं, तो सफेद शिवलिंग को उत्तम माना जाता है। वहीं, नर्मदेश्वर शिवलिंग को सकारात्मक ऊर्जा, सुरक्षा और भगवान शिव की विशेष कृपा का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि इसकी नियमित पूजा करने से घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है।
घर में शिवलिंग रखते समय उसके आकार का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गृहस्थ जीवन के लिए हमेशा छोटे आकार का शिवलिंग ही रखना चाहिए। कहा जाता है कि शिवलिंग का आकार अंगूठे के ऊपरी हिस्से यानी पोर से बड़ा नहीं होना चाहिए। बड़े शिवलिंग की पूजा के लिए विशेष नियम और नियमित विधि का पालन करना पड़ता है, इसलिए घर के मंदिर में छोटा शिवलिंग रखना अधिक उचित माना जाता है। शिवलिंग की स्थापना के लिए सही दिशा का भी महत्व बताया गया है। मान्यता है कि घर के मंदिर में शिवलिंग को उत्तर या पूर्व दिशा में स्थापित करना शुभ होता है। साथ ही, जिस स्थान पर शिवलिंग रखा जाए, वहां साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि घर के मंदिर में एक से अधिक शिवलिंग नहीं रखने चाहिए।
सावन के महीने में भगवान शिव का जलाभिषेक करना, बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल और फल अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान श्रद्धा और नियमों का पालन करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। यही कारण है कि सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घर में शिवलिंग स्थापित कर पूरे महीने विधि-विधान से पूजा करते हैं।



