जयपुर। राजस्थान में मौसमी बीमारियों के बीच स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में एकाएक तेजी दर्ज की गई है। अकेले अगस्त महीने के 27 दिनों के भीतर ही स्वाइन फ्लू के 55 नए मामले सामने आ चुके हैं, जो इस साल किसी भी एक महीने में दर्ज किया गया सबसे बड़ा आंकड़ा है।
इसके साथ ही जनवरी 2026 से लेकर अब तक प्रदेश भर में स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या 146 तक पहुँच गई है। पड़ोसी राज्यों और खासकर दिल्ली में बढ़ते मामलों को देखते हुए राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने राज्य भर के सभी सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट मोड पर रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
यह खबर भी पढ़ें:-अटरू निकाय चुनाव: मंत्री मदन दिलावर के बेटे और बहू का वोटर लिस्ट आवेदन खारिज, पड़ोसियों के बयान से बिगड़ा खेल
महीने-दर-महीने कैसे बढ़ा स्वाइन फ्लू का ग्राफ?
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, साल की शुरुआत में स्थिति काफी नियंत्रण में थी, लेकिन मानसून के साथ ही मामलों में तेजी से उछाल आया:
- जनवरी: 2 मरीज
- फरवरी: 3 मरीज
- मार्च: 20 मरीज
- अप्रैल: 22 मरीज
- मई: 25 मरीज
- जून: 14 मरीज
- जुलाई: 5 मरीज
- अगस्त (अब तक): 55 मरीज
नया स्ट्रेन नहीं, घबराने की जरूरत नहीं: स्वास्थ्य सचिव
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रदेश में H1N1 का कोई नया या अत्यधिक घातक स्ट्रेन (म्यूटेशन) नहीं फैला है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय वायरस वही पुराना मौसमी H1N1 ही है, इसलिए जनता को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।
यह खबर भी पढ़ें:-राजस्थान में सरकारी स्कूलों और कानून-व्यवस्था पर सीजेपी की बैठक, आशुतोष रांका बोले- सरकार के पास समय कम है
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण और बचाव के उपाय
स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलती है।
शुरुआती लक्षण:
- तेज बुखार और लगातार खांसी
- गले में खराश या दर्द
- नाक बहना या बंद होना
- सिरदर्द, शरीर टूटना (अत्यधिक थकान)
किन लोगों को है ज्यादा खतरा?
स्वास्थ्य विभाग ने सतर्क किया है कि यद्यपि सामान्य मरीज समय पर दवा लेने से ठीक हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, और पहले से ही दिल, फेफड़े या डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह संक्रमण जटिलताएं पैदा कर सकता है। किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी गई है।



