Jagan Gurjar Death : अजमेर। राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत जेल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जगन गुर्जर लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा था। उसने वर्ष 1994 में अपराध की दुनिया में कदम रखा और 2001 में पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ा। इसके बाद वह कई बार गिरफ्तार हुआ, लेकिन हर बार जमानत पर रिहा होकर फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया। वर्ष 2008 में जगन गुर्जर उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब उसने तत्कालीन राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित आवास को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। हालांकि बाद में उसने आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन उसके खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई जारी रही।
पुलिस के अनुसार, फरवरी 2022 में जगन गुर्जर को तत्कालीन कांग्रेस विधायक गिर्राज मलिंगा को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दोबारा गिरफ्तार किया गया था। तब से वह विभिन्न मामलों में न्यायिक हिरासत के तहत अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था।
धौलपुर निवासी जगन गुर्जर के खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी, धमकी और अन्य गंभीर अपराधों सहित करीब 100 आपराधिक मामले विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज थे। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस, जेल प्रशासन और फॉरेंसिक विशेषज्ञ पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस संदिग्ध मौत के पीछे की सच्चाई सामने आएगी।



