Saturday, July 18, 2026
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सोनम वांगचुक का अनशन अस्पताल में भी जारी, तरल पदार्थ और दवा लेने से किया इनकार, पत्नी ने मांगा डिस्चार्ज

Sonam Wangchuk News: अनिश्चितकालीन अनशन के 21वें दिन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने डिहाइड्रेशन के बावजूद नसों से तरल पदार्थ और दवा लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल के अनुसार उनकी हालत की लगातार निगरानी की जा रही है और उन्हें इलाज के लिए समझाया जा रहा है। वहीं उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने बिना सहमति इलाज न करने और उन्हें डिस्चार्ज कर दूसरे अस्पताल ले जाने की मांग की है।

Sonam Wangchuk News: राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन के 21वें दिन शनिवार को सफरदजंग अस्पताल में भर्ती कराये गए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने डिहाइड्रेशन के बावजूद नसों के माध्यम से दिए जाने वाले तरल पदार्थ और किसी भी तरह की दवा लेने से इनकार कर दिया है. अस्पताल के मुताबिक, उनकी लगातार चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है और उनके स्वास्थ्य के हित को ध्यान में रखते हुए इलाज कराने के लिए उन्हें समझाया जा रहा है.

अस्पताल ने मेडिकल बुलेटिन में कही गई ये बात

अस्पताल ने स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा कि 59 वर्षीय वांगचुक को दिल्ली पुलिस अस्पताल लेकर आई और सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर भर्ती कराया गया. वह 20 दिनों से अनशन पर थे और कमजोरी महसूस हो रही थी. इसमें कहा गया है कि भर्ती के समय वह होश में थे और उनकी नाड़ी, ब्लड प्रेशर तथा ऑक्सीजन का स्तर स्थिर था. उनमें डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दिए.

मूत्र में कीटोन की मात्रा +3 पर पहुंची

बुलेटिन में कहा गया है कि रक्त विश्लेषण में कम सीरम पोटेशियम के साथ संतुलित एसिडोसिस पाया गया, जबकि रक्त शर्करा का स्तर 78 एमजी/डीएल था. सीरम पोटेशियम की दोबारा की गई जांच में भी परिणाम लगभग समान रहा. इसमें कहा गया है कि भर्ती के समय मूत्र में कीटोन का स्तर 1+ था, जो दोपहर 1 बजे तक बढ़कर 3+ पहुंच गया.

किसी भी तरह की दवाई, तरल पदार्थ लेने से इनकार

अस्पताल के एक बयान के अनुसार, ‘हालांकि उन्हें नसों के माध्यम से दिए जाने वाले तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई थी, लेकिन मरीज ने कोई भी तरल पदार्थ या किसी भी तरह की दवा लेने से इनकार कर दिया है. चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इलाज कराने के लिए उन्हें समझा रहे हैं.’सूत्रों ने बताया कि चिकित्सकों ने उनके परिवार को सलाह दी है कि वे बिना किसी और देरी के इलाज शुरू करने की अनुमति दें.

वांगचुक की पत्नी ने की डिचार्ज करने की मांग

उनके अस्पताल में भर्ती होने के कुछ समय बाद, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल से अनुरोध किया कि उनकी सहमति के बिना कोई भी इलाज न किया जाये और उन्होंने उन्हें डिस्चार्ज देने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी चिकित्सा देखभाल में पारदर्शिता की कमी है.

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को लिखे गए दो पत्रों में आंग्मो ने स्पष्ट किया है कि उनकी अनुमति के बिना वांगचुक को न तो कोई दवा दी जाए और न ही नस के माध्यम से कोई दवा या तरल पदार्थ चढ़ाया जाए. एक अन्य पत्र में उन्होंने पारदर्शिता की कमी और अस्पताल पर भरोसा नहीं होने का हवाला देते हुए वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देकर परिवार की पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी.

उन्होंने दावा किया कि वांगचुक बिल्कुल ठीक हैं, लेकिन सफदरजंग अस्पताल ने बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद चिकित्सा रिपोर्टों की प्रतियां साझा करने से इनकार कर दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि 20 जुलाई को संसद की ओर प्रस्तावित मार्च में उनकी (वांगचुक की) भागीदारी होगी.

28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

गौरतलब है कि वांगचुक को अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. दिल्ली पुलिस ने कहा कि चिकित्सकीय सलाह और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया. वांगचुक राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़े विद्यार्थियों की मौतों के मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.पिछले तीन सप्ताह के दौरान उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की गई. शुक्रवार को चिकित्सकों ने बताया था कि भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम घट गया है.

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Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
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