Sikkim Landslide Update: सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता चरण-6 जल विद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे 20 मजदूरों की मौत हो गई. जबकि पांच अन्य लोग अब भी फंसे हुए हैं. राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन सुरंग के भीतर गैस रिसाव के कारण अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बताया कि झोलुंगे के समरडुंग क्षेत्र में सोमवार को एडीआईटी-3 (ADIT-3) सुरंग भूस्खलन के कारण अचानक ढह गई. घटना के समय परियोजना अधिकारियों और श्रमिकों सहित कुल 25 लोग सुरंग के भीतर मौजूद थे.

20 मौतों की पुष्टि, कई शवों की पहचान बाकी
नामची की पुलिस अधीक्षक सोनम डी. भूटिया ने बताया कि सुरंग में फंसे 25 लोगों में से 20 की मौत की पुष्टि हो चुकी है. बचाव दल अब तक 12 शव बाहर निकाल चुके हैं, जिनमें से सात की पहचान हो गई है, जबकि अन्य शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है.

गैस रिसाव से मुश्किल हुआ रेस्क्यू
मुख्यमंत्री ने प्रेम सिंह तमांग बताया कि सुरंग के भीतर गैस की मौजूदगी के कारण बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है. फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश के दौरान कई बचावकर्मियों को चक्कर आए और कुछ बेहोश भी हो गए. अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक अनुमान है कि गैस का रिसाव भूमिगत परतों या भूस्खलन से प्रभावित चट्टानी संरचनाओं से प्राकृतिक रूप से हो रहा है.
मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिजनों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की. सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री ने फोन पर घटना की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री से बात कर बचाव अभियान की समीक्षा की और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया.

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