नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में दबाव बना हुआ है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी बाजारों की कमजोरी से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 200 अंक गिरकर 76,910 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 40 अंक की गिरावट के साथ 24,020 के आसपास रहा। बैंकिंग शेयरों में भी दबाव देखने को मिला और निफ्टी बैंक इंडेक्स में 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा गिरावट
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में देखने को मिला। मिडकैप इंडेक्स करीब 0.34 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.55 फीसदी तक कमजोर हुआ। निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में बिकवाली की।
बाजार गिरने की बड़ी वजहें
1. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। ब्रेंट क्रूड करीब 0.85 फीसदी बढ़कर 72.6 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 70 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। महंगे तेल से भारत जैसे आयात आधारित देशों के लिए महंगाई और चालू खाता घाटे को लेकर चिंता बढ़ती है।
2. एशियाई बाजारों में कमजोरी
भारतीय बाजार के साथ अन्य एशियाई बाजार भी दबाव में रहे। जापान का निक्केई करीब 1 फीसदी नीचे रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।
3. अमेरिका-ईरान तनाव का असर
निवेशकों को चिंता है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। किसी भी तरह की अनिश्चितता से शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ती है।
4. ब्याज दरों को लेकर चिंता
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बाजार सतर्क है। ब्याज दरों में संभावित बदलाव की आशंका से ग्लोबल इक्विटी मार्केट पर दबाव बना हुआ है।
सेंसेक्स के टॉप शेयरों का हाल
बीएसई के प्रमुख 30 शेयरों में 17 शेयर तेजी के साथ और 13 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। सबसे ज्यादा गिरावट Kotak Mahindra Bank में करीब 3 फीसदी तक रही। वहीं Mahindra & Mahindra और Adani Ports and Special Economic Zone जैसे शेयरों में भी कमजोरी देखी गई।
बाजार की चाल
बीएसई पर कारोबार कर रहे 3,768 शेयरों में से करीब 1,543 शेयरों में तेजी और 2,002 शेयरों में गिरावट रही। 223 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। वहीं 86 शेयर 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर और 46 शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
कुल मिलाकर वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।



