जयपुर। एनएसयूआई ((NSUI)) की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से दिल्ली में कथित मारपीट के मामले ने राजस्थान की सियासत में हलचल मचा दी है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस का करीब 43 घंटे तक चला धरना बुधवार, 21 अक्टूबर को समाप्त हो गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पार्टी के अन्य नेता इस प्रदर्शन में शामिल रहे। धरना खत्म हुआ, लेकिन एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर विवाद खत्म नहीं हुआ है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल की ओर से लिखित जवाब मिलने के बाद कांग्रेस ने अब अदालत का रुख करने का ऐलान किया है।
13 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान हुई थी कथित मारपीट
यह पूरा मामला 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। यह प्रदर्शन कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर किया गया था। इसी दौरान रितु बराला को हिरासत में लिया गया था। रितु ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान दिल्ली पुलिस की महिला कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की।
रितु बराला ने इस मामले में महिला कांस्टेबल चंचल यादव, सोनिका और ज्योति पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके साथ हुई कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही होगी।
Zero FIR दर्ज कराने की मांग पर अड़ी कांग्रेस
रितु बराला से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में पार्टी नेता 19 अक्टूबर की शाम जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। कांग्रेस की मांग थी कि दिल्ली पुलिस के जिन कर्मियों पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को जांच के लिए संबंधित पुलिस थाने भेजा जाए।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक अमीन कागजी, विधायक रफीक खान, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने एफआईआर दर्ज होने तक धरना जारी रखने की बात कही। मामले में राजनीतिक हलचल बढ़ने के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी डोटासरा से संपर्क कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग सुनिश्चित करने को कहा था।
जयपुर पुलिस ने FIR दर्ज नहीं करने के पीछे क्या तर्क दिया?
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने 20 अक्टूबर को जारी अपने पक्ष में कहा कि रितु बराला इस घटना के संबंध में 13 अक्टूबर को ही दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में लिखित शिकायत दे चुकी थीं। पुलिस के मुताबिक, वहां इस मामले में प्रकरण संख्या 291/2026 के तहत जांच चल रही है।
पुलिस का कहना है कि जब उसी घटना और समान तथ्यों को लेकर दिल्ली में पहले से शिकायत की जांच की जा रही है, तो जयपुर में उन्हीं तथ्यों के आधार पर अलग से नई एफआईआर या जीरो एफआईआर दर्ज करना विधिसम्मत नहीं है। पुलिस ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस जांच के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी।
वहीं, रितु बराला ने जयपुर में शिकायत देते समय कहा था कि इलाज में व्यस्त रहने के कारण वह पहले दिल्ली जाकर रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकीं। इस पर जयपुर पुलिस ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में घटना के दिन ही उनकी शिकायत दी जा चुकी थी। इस तरह शिकायत को लेकर रितु और पुलिस के पक्ष में अंतर सामने आया है।
लिखित जवाब मिलने के बाद खत्म हुआ धरना
कांग्रेस नेताओं का धरना सोमवार शाम से बुधवार दोपहर तक चला। इस दौरान नेताओं ने पुलिस कमिश्नरेट परिसर में ही समय बिताया। धरने के बीच पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की खबरें भी सामने आईं। मंगलवार रात प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने का आरोप भी लगाया गया था।
बुधवार को पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल सहित अधिकारियों की ओर से लिखित जवाब दिए जाने के बाद कांग्रेस ने धरना समाप्त कर दिया। हालांकि, पुलिस ने जयपुर में नई जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार किया। इसलिए धरना खत्म होने को एफआईआर दर्ज होने या कांग्रेस की मूल मांग स्वीकार किए जाने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
डोटासरा बोले- अब अदालत में उठाएंगे मामला
धरना समाप्त होने के बाद गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को लेकर अब अदालत जाएगी। उनका आरोप है कि पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) के प्रावधानों की गलत व्याख्या की है। डोटासरा ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को राजस्थान हाईकोर्ट और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएगी।
कांग्रेस का तर्क है कि रितु बराला की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी। वहीं, जयपुर पुलिस का कहना है कि उसी घटना की शिकायत दिल्ली में पहले से जांच के अधीन है। दोनों पक्षों के बीच विवाद अब कानूनी व्याख्या और आगे की कार्रवाई पर केंद्रित हो गया है।
रितु बराला बोलीं- धरना खत्म हुआ, लड़ाई जारी रहेगी
धरना खत्म होने के बाद रितु बराला ने भी अपना विरोध जारी रखने की बात कही। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे एफआईआर दर्ज कराने और कथित मारपीट के आरोपों की जांच सुनिश्चित कराने के लिए कानूनी रास्ता अपनाएंगे।
फिलहाल, मामले में जयपुर पुलिस ने नई जीरो एफआईआर दर्ज नहीं की है और दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में दर्ज प्रकरण संख्या 291/2026 की जांच जारी होने की बात कही है। अब देखना होगा कि कांग्रेस अदालत में क्या कानूनी आधार रखती है और इस पर आगे क्या निर्णय होता है।



