जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण की तैयारियों के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से जुड़े मामले में FIR दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं का धरना जारी है। वहीं, भाजपा पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के प्रत्याशियों के चयन में जुटी है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी कानूनी प्रक्रिया के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी मैदान में उतरने के बजाय विरोध-प्रदर्शन के जरिए माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रही है।
अरुण चतुर्वेदी बोले- कानून और संविधान का पालन करे कांग्रेस
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस के धरने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित स्थान और प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कमिश्नरेट परिसर में इस तरह का प्रदर्शन कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से अपनी मांगें कानूनी प्रक्रिया के तहत उठाने की अपील की।
अविनाश गहलोत ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने भी कांग्रेस के प्रदर्शन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास प्रदर्शन और उपद्रव के अलावा कोई काम नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू है और कांग्रेस को जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ना चाहिए। राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए अविनाश गहलोत ने कांग्रेस के नेतृत्व और संगठनात्मक कार्यशैली पर सवाल उठाए। ये बयान भाजपा की ओर से कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर जारी राजनीतिक आलोचना का हिस्सा हैं।
भाजपा में पंचायत चुनाव के टिकटों पर मंथन
कांग्रेस के धरने को लेकर बयानबाजी के बीच भाजपा प्रदेश कार्यालय में पंचायत राज चुनाव के तीसरे चरण के उम्मीदवारों के चयन को लेकर बैठकें आयोजित की जा रही हैं। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजेय कुमार की मौजूदगी में संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हो रही है। बुधवार को 13 जिलों के उम्मीदवारों के नामों पर रायशुमारी प्रस्तावित है। इनमें ब्यावर, डीडवाना-कुचामन, टोंक, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, सलूम्बर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, खैरथल-तिजारा, बालोतरा, बारां और बूंदी शामिल हैं।
22 अक्टूबर को चार जिलों पर होगी चर्चा
भाजपा की चुनावी रणनीति के तहत 22 अक्टूबर को भरतपुर, डीग, धौलपुर और सवाई माधोपुर जिलों के संभावित प्रत्याशियों के नामों पर रायशुमारी की जाएगी। इस तरह भाजपा के सामने एक ओर पंचायत चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की चुनौती है, तो दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। आने वाले दिनों में टिकटों की घोषणा और धरने से जुड़े घटनाक्रम पर राजस्थान की राजनीति में नजरें बनी रहेंगी।



