नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सांसद पवन खेड़ा पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। रिजिजू का दावा है कि असम विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में राहुल गांधी के निर्देश पर पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी सरमा को लेकर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि इन आरोपों का उद्देश्य चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच भ्रम पैदा करना था।
रिजिजू ने सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में कहा कि उन्हें कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं से इस संबंध में जानकारी मिली है। हालांकि, उन्होंने उन नेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, चुनावी अभियान के दौरान लगाए गए आरोप बाद में कांग्रेस के लिए उलटे साबित हुए। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इन दावों का अपेक्षित राजनीतिक असर नहीं पड़ा और इसके बावजूद पवन खेड़ा को बाद में राज्यसभा भेजा गया। रिजिजू ने इसे कांग्रेस की ओर से खेड़ा को दिए गए राजनीतिक इनाम के तौर पर पेश किया और उनकी योग्यता पर भी सवाल उठाया।
असम विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस के प्रमुख निशाने पर रहे थे। कांग्रेस नेताओं ने उनके खिलाफ कई तरह के आरोप लगाए थे। इनमें मुख्यमंत्री के साथ-साथ उनकी पत्नी से जुड़े व्यक्तिगत और राजनीतिक मुद्दे भी शामिल थे। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए बेबुनियाद दावे करने का आरोप लगाया था। चुनाव के दौरान पवन खेड़ा भी कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे और उन्होंने कई मौकों पर भाजपा तथा मुख्यमंत्री सरमा को लेकर पार्टी का पक्ष रखा। रिजिजू ने इसी चुनावी घटनाक्रम को आधार बनाकर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
रिजिजू के बयान के बाद कांग्रेस की ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, असम में चुनावी मुकाबले के दौरान एक-दूसरे पर लगाए गए आरोप अब चुनाव के बाद भी दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा बने हुए हैं।



