मुंबई। यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए पश्चिम रेलवे ने मुंबई सेंट्रल मंडल में कैटरिंग प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 15 अगस्त से शुरू किए गए विशेष स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान रेलवे अधिकारियों ने स्टेशनों और प्लेटफॉर्म पर संचालित खान-पान की दुकानों का व्यापक निरीक्षण किया। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर 39 कैटरिंग आउटलेट बंद कर दिए गए।
अभियान के दौरान रेलवे की टीमों ने कैटरिंग स्टॉल, चाय की दुकानों, जूस कियोस्क और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा मानकों तथा संचालन से जुड़े नियमों की जांच की। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को साफ-सुथरा वातावरण और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना था। निरीक्षण के दौरान कई दुकानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। रेलवे ने स्पष्ट किया कि यात्रियों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और दुकानों में साफ-सफाई बनाए रखना संचालकों की जिम्मेदारी है। हालांकि, कार्रवाई के बाद सुधार का मौका भी दिया गया। बंद किए गए 39 आउटलेट में से 20 को दोबारा संचालन की अनुमति मिल गई है। संबंधित संचालकों ने निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर किया और निर्धारित जुर्माना भी जमा किया। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने दोबारा जांच की और नियमों का पालन सुनिश्चित होने पर इन दुकानों को खोलने की मंजूरी दी।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। स्टेशनों पर यात्रियों को उपलब्ध कराए जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ दुकानों की साफ-सफाई और निर्धारित नियमों के पालन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले कैटरिंग संचालकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।



