अयोध्या। राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और चढ़ावा विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया है। दोनों के इस्तीफों के बाद इस पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। माना जा रहा है कि उनकी संदिग्ध भूमिका के चलते उन पर लगातार इस्तीफे का दबाव था।
जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में मंदिर में मिलने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सवाल उठे थे। मामले की जांच पहले से जारी है और विभिन्न एजेंसियां आरोपों की पड़ताल कर रही हैं। इसी बीच चंपत राय ने कहा कि वह नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ रहे हैं ताकि जांच निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ सके। वहीं, अनिल मिश्रा ने भी ट्रस्ट से अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
यह विवाद सामने आने के बाद विपक्ष लगातार ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता की मांग कर रहा है। कई राजनीतिक दलों ने दान राशि के प्रबंधन और जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, ट्रस्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
राम मंदिर देश की आस्था का बड़ा केंद्र है, इसलिए इस घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और ट्रस्ट द्वारा आगे उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि ट्रस्ट जल्द ही रिक्त पदों को भरने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्णय ले सकता है।



