Saturday, July 4, 2026
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क्रिप्टोकरेंसी पर आरबीआई का सख्त रुख, भारत में कानूनी मान्यता नहीं देने की दोहराई बात

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अपना सख्त रुख स्पष्ट किया है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि देश में क्रिप्टोकरेंसी को अभी कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं है और इससे वित्तीय व्यवस्था, मौद्रिक स्थिरता तथा उपभोक्ताओं के हितों पर गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। आरबीआई ने इस संबंध में अपनी चिंताओं को दोहराते हुए कहा कि ऐसे डिजिटल परिसंपत्तियों के उपयोग और लेनदेन पर सतर्क दृष्टि बनाए रखना आवश्यक है।

आरबीआई के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी का मूल्य अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाला होता है, जिससे निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि यदि इन परिसंपत्तियों का उपयोग व्यापक स्तर पर बढ़ता है, तो इसका असर देश की बैंकिंग प्रणाली और वित्तीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है। इसी कारण आरबीआई लगातार इस क्षेत्र में सावधानी बरतने की सलाह देता रहा है। केंद्रीय बैंक ने यह भी चिंता जताई कि क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर अपराध, आतंकवाद के वित्तपोषण और अन्य अवैध गतिविधियों में किए जाने की आशंका बनी रहती है।

ऐसे मामलों में लेनदेन की निगरानी और धन के वास्तविक स्रोत का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आरबीआई का कहना है कि इन जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इनके समाधान के लिए प्रभावी नियामकीय ढांचा आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लॉकचेन तकनीक और क्रिप्टोकरेंसी दो अलग-अलग विषय हैं। जहां ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग बैंकिंग, स्वास्थ्य, आपूर्ति श्रृंखला और सरकारी सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में लाभदायक साबित हो सकता है, वहीं क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े निवेश में जोखिम अधिक बना रहता है।

इसलिए निवेशकों को किसी भी डिजिटल संपत्ति में पैसा लगाने से पहले उसके संभावित जोखिमों और कानूनी स्थिति की पूरी जानकारी लेनी चाहिए। आरबीआई ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल आकर्षक मुनाफे के दावों के आधार पर निवेश का निर्णय न लें। किसी भी निवेश से पहले उसके जोखिम, नियमों और विश्वसनीयता का सावधानीपूर्वक आकलन करना जरूरी है। वित्तीय विशेषज्ञों का भी मानना है कि निवेशकों को अपनी पूंजी की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए और केवल प्रमाणित तथा नियामक व्यवस्था के दायरे में आने वाले निवेश विकल्पों पर ही विचार करना चाहिए।

फिलहाल देश में क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी मुद्रा का दर्जा प्राप्त नहीं है। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े किसी भी निवेश या लेनदेन से पहले सावधानी बरतना और आधिकारिक नियमों का पालन करना निवेशकों के हित में माना जा रहा है।

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