जयपुर। राजस्थानवासियों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। 2 जुलाई 2026 को सामान्य तिथि से लगभग सात दिन की देरी से मानसून ने राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में दस्तक दी। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मानसून के राज्य के अन्य हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इसके प्रभाव से कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत मिली है।
इन मौसमी सिस्टमों से बढ़ी मानसून की सक्रियता
आईएमडी के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा तट के पास कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इसके साथ समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। वहीं दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और बीकानेर संभाग में अगले 5 से 7 दिनों तक मानसून के अत्यधिक सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।
जयपुर-अजमेर में ऑरेंज अलर्ट
मौसम केंद्र जयपुर ने जयपुर, अजमेर, टोंक और भीलवाड़ा जिलों के लिए तत्काल नाउकास्ट चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही मेघगर्जन, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
जयपुर और अजमेर के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं तथा कई स्थानों पर तेज बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जिससे सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी बन रही है।
उदयपुर और कोटा संभाग में अति भारी बारिश की चेतावनी
दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के उदयपुर, सलूंबर, सिरोही, जालोर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिलों में भी मौसम विभाग ने तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं कोटा संभाग के कई जिलों में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बीकानेर और जोधपुर संभाग का बदला मौसम
पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। नागौर, डीडवाना-कुचामन और जोधपुर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, धूलभरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मानसून की सक्रियता के कारण पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
- खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें।
- बिजली चमकने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें।
- मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखें।



