Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है। सूत्रों के अनुसार, इन सभी के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की संभावना जताई जा रही है।जानकारी के मुताबिक, SIT ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। करीब 20 पन्नों की इस रिपोर्ट में 150 से अधिक कर्मचारियों, सेवादारों और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर कई अहम तथ्य शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट में ट्रस्ट के पुनर्गठन और मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अधिकारी को CEO नियुक्त करने की सिफारिश भी की गई है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान दानपात्रों की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मिलीं। वहीं, SIT ने ऐसे करीब 150 लोगों को चिह्नित किया है जिनकी आर्थिक स्थिति रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अचानक बदली है। जांच एजेंसियां इन लोगों की संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं।रिपोर्ट में पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे का विशेष ऑडिट कराने की सिफारिश की गई है। साथ ही चढ़ावे की राशि के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को रोकने के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं।
इस मामले में अब तक पांच आरोपियों की निशानदेही पर करीब 2 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। जांच एजेंसियों का अनुमान है कि कथित गड़बड़ी की रकम 200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि, इस आंकड़े की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।मामला उस समय चर्चा में आया था जब समाजवादी पार्टी के नेताओं ने राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। इसके बाद बढ़ते विवाद को देखते हुए मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया था।फिलहाल रिपोर्ट राज्य सरकार के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुकी है। अब आगे की कार्रवाई और संभावित FIR को लेकर सभी की



