जयपुर। राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मानसून ट्रफ के उत्तर भारत की ओर खिसकने के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। हालांकि, शनिवार को मौसम विभाग ने 18 जिलों में बारिश और मेघगर्जन का यलो अलर्ट जारी किया है।शुक्रवार को भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग और उदयपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा।
अलवर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। टहला में 64 मिलीमीटर, तिजारा में 60 मिलीमीटर और लक्ष्मणगढ़ में 39 मिलीमीटर बारिश हुई। तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। लगातार बारिश के चलते सिलीसेढ़ और मानसरोवर झीलों का जलस्तर भी बढ़ा है।मौसम विभाग के अनुसार, 18 अगस्त तक पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। जयपुर और भरतपुर संभाग में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जबकि जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और बीकानेर संभाग में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।
राजधानी जयपुर में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहे और अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, अलवर में बारिश के बाद मौसम में ठंडक आई, लेकिन उमस का असर भी बना रहा।उधर, उदयपुर, कोटा और अजमेर में भी बादलों की आवाजाही और कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई। श्रीगंगानगर में तेज बारिश के बाद कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी।
यानी राजस्थान में फिलहाल बारिश का असर मुख्य रूप से पूर्वी हिस्सों तक सीमित रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी और मध्य राजस्थान के कई इलाकों में मौसम शुष्क रह सकता है।



