जयपुर। राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार से बारिश का दौर जारी है। जयपुर में रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि शनिवार सुबह दौसा और अलवर में झमाझम बारिश के कारण कई सड़कें पानी में डूब गईं। मौसम विभाग ने शनिवार को धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं कई जिलों में यलो अलर्ट के साथ बारिश और मेघगर्जन की संभावना जताई गई है।
जयपुर में 7 डिग्री तक गिरा तापमान
राजधानी जयपुर में शुक्रवार दोपहर बाद शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार सुबह तक जारी रहा। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते जयपुर के अधिकतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हुआ। जयपुर एयरपोर्ट पर 12.3 मिमी और कलेक्ट्रेट क्षेत्र में 9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण राजधानी में मौसम सुहावना हो गया है और हल्की ठंडक भी महसूस की जा रही है।
अजमेर में स्कूल की दीवार गिरी, तीन कारें मलबे में दबीं
अजमेर में बारिश के कारण एक स्कूल की दीवार ढह गई। दीवार गिरने से तीन कारें मलबे में दब गईं। घटना के बाद मौके पर राहत एवं बचाव कार्य किया गया। वहीं अलवर और दौसा में तेज बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया। निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खंडार में 175 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे में सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 3 सितंबर शाम 6 बजे से 4 सितंबर शाम 6 बजे तक खंडार में 175 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा बारां, कोटा, धौलपुर, भरतपुर, अलवर, दौसा और टोंक के कई इलाकों में 1 से 3 इंच तक बारिश दर्ज की गई। चित्तौड़गढ़, बूंदी और बारां में नदियों और झरनों में पानी की आवक बढ़ गई है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ी बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आया लो-प्रेशर सिस्टम राजस्थान की पूर्वी सीमा के आसपास सक्रिय है। मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर और नारनौल से होते हुए लो-प्रेशर सिस्टम तक पहुंच रही है और आगे उत्तरी मध्य प्रदेश, दक्षिणी उत्तर प्रदेश तथा डालटनगंज होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इस सिस्टम के प्रभाव से 5 और 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश भी हो सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में कमजोर रहेगा मानसून
पूर्वी राजस्थान की तुलना में पश्चिमी राजस्थान में मानसून का असर कमजोर रहने की संभावना है। बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर, डीडवाना-कुचामन तथा जोधपुर और पाली के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और मेघगर्जन हो सकता है। वहीं जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी और बालोतरा में खास बारिश की संभावना कम बताई गई है। पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से में मौसम सामान्य या शुष्क रहने का अनुमान है।
6-8 सितंबर से कम होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 6 और 7 सितंबर से राज्य में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। 8 सितंबर से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है। इसके बाद कुछ स्थानों पर खंड वर्षा या बूंदाबांदी हो सकती है।
11 से 17 सितंबर के बीच नए सिस्टम की संभावना
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर के मध्य में राजस्थान में एक बार फिर नए मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना पर नजर बनी हुई है। फिलहाल उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया राजस्थान में बारिश बढ़ने का प्रमुख कारण है। लो-प्रेशर सिस्टम से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और अगले दो दिनों तक इसके लगभग स्थिर रहने की संभावना है।



