जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित नगर निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर नगर निकाय चुनावों में देरी कराने, प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और स्थानीय निकायों के विकास के लिए मिलने वाली ग्रांट रोकने के गंभीर आरोप लगाए। डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में पहली बार न्यायालय के समक्ष अवमानना के प्रकरण के बाद नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने के आदेश और चुनाव कैलेंडर जारी हुआ है, जो प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने लंबे समय तक नगर निकायों में प्रशासक नियुक्त कर ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से व्यवस्था चलाई।
परिसीमन और आरक्षण को लेकर भाजपा पर निशाना
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में देरी के कारण नगर निकाय चुनाव आगे खिसकाए गए। इससे पहले परिसीमन में भी मनमानी की गई, जिसके कारण कई वार्डों में मतदाताओं की संख्या में भारी अंतर पैदा हो गया। डोटासरा ने आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका के लिए अलग-अलग आरक्षण लॉटरी की पूर्व व्यवस्था को बदलकर पहली बार संयुक्त रूप से लॉटरी निकाली गई। उनके अनुसार इसका परिणाम यह रहा कि प्रदेश के 10 नगर निगमों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए एक भी आरक्षित सीट नहीं है। उन्होंने ओबीसी आरक्षण को लेकर भी सरकार पर कटौती का आरोप लगाया और कहा कि जहां पहले 21 प्रतिशत आरक्षण मिलता था, उसे घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया।
जयपुर की बदहाल व्यवस्था पर सवाल
डोटासरा ने जयपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय से भाजपा का बोर्ड रहने के बावजूद शहर की स्थिति खराब है। उन्होंने सड़कों पर गड्ढे, ट्रैफिक जाम, आवारा पशुओं और बंदरों की समस्या, अपराध तथा भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जयपुर नगर निगम और जेडीए में भ्रष्टाचार की सीमाएं टूट चुकी हैं। स्ट्रीट लाइट, सफाई और शहर के विकास कार्यों को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।
सफाई कर्मियों की भर्ती पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय 24 हजार से अधिक सफाई कर्मियों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में भर्ती पूरी नहीं हुई। उन्होंने अगस्त में जारी भर्ती विज्ञापन की शर्तों पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इसके चलते अपेक्षा के अनुरूप आवेदन नहीं आए। डोटासरा ने आरोप लगाया कि भर्ती के नाम पर केवल औपचारिकता की जा रही है।
निकायों की ग्रांट रोकने का आरोप
डोटासरा ने भाजपा सरकार पर नगर निकायों को मिलने वाली वित्तीय सहायता रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग, छठे वित्त आयोग और बेसिक ग्रांट के तहत विभिन्न वर्षों में देय तथा जारी राशि के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि निकायों को पूरी राशि नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और स्थानीय सुविधाओं के लिए नगर निकायों को पर्याप्त धनराशि नहीं मिलने से आम जनता प्रभावित हो रही है।
कांग्रेस ने घोषित किए 10 बड़े संकल्प
नगर निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने स्थानीय सरकार बनने पर 10 प्रमुख संकल्पों की घोषणा की है। इनमें पट्टा वितरण अभियान को दोबारा शुरू करना, कच्ची बस्तियों के नियमन और भूमि रूपांतरण से जुड़े कार्य, यूडी टैक्स को जनहित में तर्कसंगत बनाना, सीसी रोड और जल निकासी की समस्या का समाधान तथा सफाई कर्मियों की भर्ती पूरी करना शामिल है। कांग्रेस ने घर-घर कचरा संग्रहण नि:शुल्क करने, नई सीवरेज लाइन बिछाने, आवश्यकता के अनुसार एसटीपी बनाने, मास्टर प्लान में आमजन से सुझाव लेने और स्ट्रीट एवं एलईडी लाइट की व्यवस्था मजबूत करने का भी संकल्प लिया है। इसके अलावा नगर निकायों के कार्यों और उनकी प्रगति की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने तथा नागरिकों के आवेदन ऑनलाइन लेने की व्यवस्था का वादा किया गया है। कांग्रेस ने इसे भ्रष्टाचार रोकने और प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया।
कांग्रेस प्रत्याशियों में सामाजिक प्रतिनिधित्व का दावा
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सहमति के आधार पर नगर निकाय चुनावों में प्रत्याशी उतारे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के 40 वर्ष से कम उम्र के प्रत्याशियों की हिस्सेदारी 49.33 प्रतिशत और 50 वर्ष से कम उम्र के प्रत्याशियों की हिस्सेदारी 76.25 प्रतिशत है। उन्होंने ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों को भी आरक्षण के अनुपात से अधिक प्रतिनिधित्व देने का दावा किया।
भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
प्रेसवार्ता में डोटासरा ने विभिन्न नगर निकाय क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशियों पर दबाव बनाने और नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। उन्होंने देशनोक, मालपुरा, डीग, पाली, नाथद्वारा, भरतपुर और भीलवाड़ा सहित कई स्थानों का उल्लेख करते हुए भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस नगर निकाय चुनावों में भाजपा के कथित कुशासन और भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद कांग्रेस स्थानीय निकायों में बोर्ड बनाकर भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और विकास आधारित स्थानीय शासन देने के लिए काम करेगी। सभी 309 निकायों के लिए जिला कांग्रेस कमेटियों की ओर से स्थानीय मुद्दों को शामिल करते हुए अलग-अलग घोषणा पत्र जारी किए जाने की बात भी उन्होंने कही।



