Saturday, July 4, 2026
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पचपदरा रिफाइनरी पर सियासी घमासान: गहलोत बोले- CM को इतिहास नहीं पता, बीजेपी ने किया पलटवार

राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर रिफाइनरी के इतिहास को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। इसके जवाब में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि 2013 का शिलान्यास केवल चुनावी स्टंट था और वास्तविक काम बीजेपी सरकार में शुरू हुआ। जानिए इस राजनीतिक विवाद की पूरी कहानी।

जयपुर। राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हालिया बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन पर रिफाइनरी के इतिहास को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। इसके जवाब में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वर्ष 2013 में हुए पचपदरा रिफाइनरी के शिलान्यास की तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि इस परियोजना का वास्तविक शिलान्यास यूपीए सरकार के दौरान तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने किया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को रिफाइनरी के इतिहास और तथ्यों की सही जानकारी नहीं है। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में केंद्र और तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस परियोजना को कई वर्षों तक लंबित रखा, जिससे इसकी लागत लगभग दोगुनी हो गई।

गहलोत ने अपने बयान में यह भी कहा कि राजस्थान सरकार ने उस समय हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) को परियोजना के लिए तैयार करने हेतु 26 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी, जिसके बाद एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) का गठन हुआ और परियोजना आगे बढ़ी।

वहीं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने गहलोत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वर्ष 2013 का शिलान्यास केवल चुनावी स्टंट था। उन्होंने दावा किया कि उस समय परियोजना के लिए आवश्यक मंजूरियां, पर्याप्त बजट और जमीन उपलब्ध नहीं थी। राठौड़ के अनुसार, भाजपा सरकार ने वर्ष 2014 के बाद परियोजना की शर्तों पर दोबारा बातचीत कर राज्य के वित्तीय हितों की रक्षा की और वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इसका वास्तविक कार्यारंभ कराया।

राठौड़ ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में परियोजना की गति धीमी रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार रिफाइनरी परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह राजस्थान के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

फिलहाल पचपदरा रिफाइनरी को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। एक ओर कांग्रेस परियोजना का श्रेय अपने कार्यकाल को दे रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी इसे धरातल पर उतारने का श्रेय अपनी सरकार को बता रही है। ऐसे में रिफाइनरी एक बार फिर विकास से ज्यादा सियासी बहस का केंद्र बन गई है।

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