Wednesday, July 22, 2026
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हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की डिजिटल ट्रैकिंग होगी मजबूत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की मातृत्व सेवाओं की समीक्षा

राजस्थान में सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को मजबूत करने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गर्भवती महिलाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल रेफरल सिस्टम और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम विकसित करने के निर्देश दिए।

Rajasthan News: जयपुर। प्रदेश में सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा गर्भवती महिलाओं के रेफरल प्रबंधन को डिजिटल माध्यम से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने स्वास्थ्य भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं, हाई रिस्क गर्भवतियों की निगरानी, रेफरल प्रबंधन, डिजिटल ट्रैकिंग तथा प्रसव सुविधा वाले राजकीय अस्पतालों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्यकर्मियों से ली सीधी जानकारी

मुख्य सचिव ने पिछले 24 घंटे में प्रदेश के विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में हुए सभी सिजेरियन प्रसव तथा हाई रिस्क गर्भवतियों की स्थिति की अधिकारियों एवं फील्ड स्वास्थ्यकर्मियों से सीधे जानकारी ली. अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में सभी प्रसव सुरक्षित रहे। इस पर उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को भर्ती सभी प्रसूताओं की सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने जयपुर, चूरू, झुंझूनूं जिलों की एएनएम से भी सीधे संवाद किया। उन्होंने हाई रिस्क गर्भवतियों के नियमित फॉलोअप, संभावित प्रसव तिथि की निगरानी, समय पर चिकित्सकीय परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेफरल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज द्वारा विकसित ‘सेतु डिजिटल इमरजेंसी हेल्थकेयर सॉफ्टवेयर’ की कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में भी सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से इसी प्रकार का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों एवं अन्य फील्ड स्वास्थ्यकर्मियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे गर्भवती महिलाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग तथा रेफरल प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

उन्होंने राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMSCL) से अस्पतालों में दवाइयों एवं चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा इन्वेंटरी प्रबंधन की समीक्षा की। साथ ही माइक्रोबायोलॉजी सेवाओं के लिए मानकीकृत प्रोटोकॉल तैयार कर रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीजर (आरओपी) जारी करने के निर्देश दिए, ताकि सभी संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण एवं एकरूप सेवाएं सुनिश्चित हो सकें। मुख्य सचिव ने सुरक्षित मातृत्व सेवाओं से जुड़ी सूचनाओं एवं प्रसव संबंधी मामलों की त्वरित मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे प्रत्येक प्रसूता की स्थिति पर राज्य स्तर से सतत निगरानी रखी जा सकेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय संभव होंगे।

प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने अधिकारियों को इस व्यवस्था को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य से लेकर फील्ड स्तर तक प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा जारी रखने तथा प्रत्येक गर्भवती महिला एवं प्रसूता से संबंधित स्वास्थ्य आंकड़ों का नियमित संकलन, विश्लेषण एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

मीटिंग में कौन-कौन रहा मौजूद ?

बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा बाबूलाल गोयल, प्रबंध निदेशक आरएमएससीएल पुखराज सैन, प्राचार्य एसएमएस मेडिकल कॉलेज डॉ. दीपक माहेश्वरी, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित वरिष्ठ अधिकारी, सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य एवं विशेषज्ञ, संभागीय संयुक्त निदेशक, सीएमएचओ, पीएमओ, बीसीएमओ तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
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