जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले जिला प्रमुख पदों पर OBC आरक्षण को लेकर विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। जयपुर पीठ के समक्ष दायर याचिका में जिला प्रमुख पदों पर OBC आरक्षण की दोबारा गणना करने और वर्ग को उसकी पात्रता के अनुसार प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर 2026 को होगी। फिलहाल कोर्ट ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव का कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है।
41 जिला प्रमुख पद, OBC के लिए सिर्फ 5 सीटें
याचिकाकर्ता राधेराम गोदारा की ओर से दायर याचिका में जिला प्रमुख पदों पर OBC आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था को चुनौती दी गई है। याचिका के मुताबिक, वर्ष 2020 में राजस्थान में जिला प्रमुख के कुल 33 पद थे। उस समय OBC वर्ग के लिए 5 पद आरक्षित किए गए थे। अब जिला प्रमुख पदों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है, लेकिन OBC वर्ग के लिए आरक्षित पदों की संख्या अभी भी 5 ही रखी गई है। याचिकाकर्ता ने इसी आधार पर आरक्षण की नए सिरे से गणना की मांग की है।
पद बढ़े तो आरक्षण की गणना भी हो नए सिरे से
याचिका में तर्क दिया गया है कि जब जिला प्रमुख के कुल पद 33 से बढ़कर 41 हो गए हैं, तो आरक्षण की गणना भी वर्तमान पदों की संख्या और मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर होनी चाहिए। याचिकाकर्ता का कहना है कि OBC वर्ग को उसकी पात्रता के अनुरूप उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसके लिए आरक्षण की प्रक्रिया को नए सिरे से देखने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आनंद शर्मा और अरविंद कुमार शर्मा ने कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा।
50 फीसदी आरक्षण सीमा के भीतर उचित प्रतिनिधित्व की मांग
याचिका में कहा गया है कि OBC आरक्षण की गणना मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर दोबारा की जानी चाहिए। साथ ही 50 प्रतिशत की आरक्षण सीमा के भीतर OBC वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही हैं और जिला प्रमुख समेत पंचायत स्तर के विभिन्न पदों के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के अधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता को याचिका की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। अब सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि 41 जिला प्रमुख पदों में OBC वर्ग के लिए केवल 5 पद आरक्षित रखने का आधार क्या है और आरक्षण तय करते समय किन नियमों और आंकड़ों को आधार बनाया गया।
8 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर 2026 को होगी। कोर्ट ने मामले को अंतिम निस्तारण के लिए रखा है। ऐसे में अगली सुनवाई राजस्थान के पंचायत चुनाव और OBC आरक्षण के लिहाज से अहम मानी जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट करना जरूरी है कि हाईकोर्ट ने केवल राज्य सरकार से जवाब मांगा है। आरक्षण में बदलाव को लेकर फिलहाल कोई अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है।
पंचायत चुनाव पर क्या पड़ सकता है असर?
यदि आगे चलकर हाईकोर्ट OBC आरक्षण की दोबारा गणना के निर्देश देता है, तो जिला प्रमुख पदों के लिए लागू मौजूदा आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसका असर पंचायत चुनाव के राजनीतिक और चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल चुनाव प्रक्रिया मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ रही है। अब राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजरें 8 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।
- कुल जिला प्रमुख पद: 41
- OBC के लिए आरक्षित पद: 5
- 2020 में कुल पद: 33
- 2020 में OBC आरक्षित पद: 5
- याचिकाकर्ता: राधेराम गोदारा
- अगली सुनवाई: 8 सितंबर 2026
- मुख्य मांग: OBC आरक्षण की नए सिरे से गणना और उचित प्रतिनिधित्व



