Thursday, September 3, 2026
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राजस्थान हाईकोर्ट के ACJ संजीव शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट जज के आरोपों को बताया बेबुनियाद, बोले- सबूतों के साथ CJI को भेजा जवाब

राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता की ओर से लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने आरोपों को निराधार, झूठा और तथ्यहीन बताते हुए अपना पक्ष CJI सूर्यकांत को प्रमाणों के साथ भेजने की बात कही। शर्मा ने कहा कि CJI की स्वीकृति के बाद जल्द मीडिया के सामने अपना पक्ष रखेंगे।

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (ACJ) संजीव प्रकाश शर्मा ने बुधवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार, झूठा और तथ्यहीन बताते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना पक्ष भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के समक्ष प्रमाणों के साथ रख दिया है। ACJ संजीव शर्मा ने कहा कि CJI की ओर से निर्णय आने और उनकी स्वीकृति मिलने के बाद वह स्वयं मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मीडिया, वकीलों और अन्य सभी संबंधित लोगों से तब तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है।

आरोपों को बताया झूठा और तथ्यहीन

न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने बुधवार को लिखित बयान जारी कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता की ओर से CJI को भेजे गए गोपनीय पत्रों में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि इन आरोपों का उन्होंने प्रमाण सहित खंडन किया है और अपना पक्ष CJI सूर्यकांत को भेज दिया है। शर्मा ने कहा कि वह भारतीय न्याय प्रणाली में पूर्ण विश्वास रखते हैं और उचित समय आने पर पूरी स्थिति स्पष्ट करेंगे।

CJI की स्वीकृति के बाद मीडिया के सामने आएंगे

ACJ ने कहा कि उन्होंने अपना पक्ष सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रख दिया है। अब CJI के निर्णय और अनुमति के बाद वह स्वयं मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं। उन्होंने अपील की कि जब तक इस मामले में निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्णय नहीं आता, तब तक किसी तरह की जल्दबाजी या निष्कर्ष से बचा जाए।

मीडिया और वकीलों से धैर्य रखने की अपील

संजीव शर्मा ने न्याय के सिद्धांत का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि CJI के निर्णय तक सभी को धैर्य रखना चाहिए। उन्होंने न्याय व्यवस्था पर विश्वास जताते हुए कहा कि सही समय आने पर वह पूरे मामले को लेकर अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखेंगे।

ऐसे शुरू हुआ पूरा विवाद

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के संबंध में CJI को तीन अलग-अलग गोपनीय पत्र भेजे थे।

  • 2 अगस्त: न्यायाधीश संदीप मेहता ने CJI को पहला गोपनीय पत्र भेजा।
  • 10 अगस्त: दूसरा गोपनीय पत्र भेजा गया।
  • 17 अगस्त: तीसरा गोपनीय पत्र CJI को भेजा गया।
  • 26 अगस्त: इन पत्रों से संबंधित जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आई।
  • 26 अगस्त: CJI सूर्यकांत की ओर से स्पष्टीकरण जारी कर पत्र मिलने की पुष्टि की गई। साथ ही कहा गया कि मौजूदा न्यायाधीश के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के लिए निर्धारित प्रक्रिया होती है।

बार एसोसिएशनों ने की बैठकें

मामला सामने आने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट की बार एसोसिएशनों में भी हलचल बढ़ गई। 27 अगस्त को जोधपुर स्थित दोनों बार एसोसिएशन और जयपुर स्थित बार एसोसिएशन ने संयुक्त बैठक की। इसके बाद 30 अगस्त को भी तीनों बार एसोसिएशनों की बैठक हुई, लेकिन किसी अंतिम निर्णय पर सहमति नहीं बनी।

31 अगस्त को न्यायिक कार्य बहिष्कार का ऐलान

31 अगस्त को जोधपुर स्थित हाईकोर्ट की दोनों बार एसोसिएशनों ने 6 सितंबर तक न्यायिक कार्य के बहिष्कार की घोषणा की। इसी दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के कोर्ट रूम के बाहर वकीलों ने नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया। उसी दिन शाम को न्यायाधीश शर्मा ने 5 सितंबर तक सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल का राजस्थान हाईकोर्ट तबादला करने और उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश भी की।

1 सितंबर को रोस्टर में बदलाव

1 सितंबर को राजस्थान हाईकोर्ट के रोस्टर में बदलाव किया गया। इसमें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के 7 सितंबर से जोधपुर में सुनवाई करने का उल्लेख किया गया। इसके बाद 2 सितंबर को संजीव शर्मा ने लिखित बयान जारी कर पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट किया और सभी पक्षों से धैर्य बनाए रखने की अपील की।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल विवाद से जुड़े आरोपों और जवाबों के बीच अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। ACJ संजीव शर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए CJI को प्रमाणों के साथ अपना पक्ष भेजने की बात कही है। अब इस मामले में CJI की ओर से आगे की प्रक्रिया और निर्णय पर नजर रहेगी। वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य और बार एसोसिएशनों के रुख को लेकर भी आने वाले दिनों में स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।

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