जयपुर में फर्जी RGHS अधिकारी बनकर अस्पताल की ऑडिट के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। ACB जयपुर नगर-तृतीय की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते मनीष कुमार शर्मा नाम के संदिग्ध को डिटेन किया है।
ACB के अनुसार, संदिग्ध ने SKI हॉस्पिटल, डीडवाना की ऑडिट करवाने के नाम पर पहले 35 हजार रुपए की मांग की थी। बाद में रकम बढ़ाकर 45 हजार रुपए कर दी गई। शिकायत मिलने पर ACB ने पहले मामले का सत्यापन कराया और इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की।
जांच में सामने आया कि संदिग्ध ने AI की मदद से RGHS के डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर के नाम और पदनाम से फर्जी पहचान पत्र तैयार किया था। इसके अलावा अस्पताल के नाम से 22 अगस्त का एक फर्जी पत्र भी बनाया गया था।
आरोप है कि संदिग्ध ने ये दस्तावेज अस्पताल के मैनेजर को दिखाए और खुद को RGHS का UDC बताकर ऑडिट के नाम पर रिश्वत मांगी। ट्रैप कार्रवाई के दौरान उसने परिवादी से 40 हजार रुपए की रिश्वत राशि ली, जिसके बाद ACB टीम ने उसे डिटेन कर लिया।
ACB के मुताबिक, संदिग्ध द्वारा बताए गए नाम और पदनाम की जांच में वे भी फर्जी पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि संदिग्ध कोई लोक सेवक नहीं है।
कार्रवाई ACB DIG जयपुर-द्वितीय ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और ASP ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में की गई। मामले में फर्जी पहचान, प्रतिरूपण और धोखाधड़ी से जुड़े तथ्यों की जांच के साथ ज्योति नगर थाना पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



