जयपुर। राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में मेयर, सभापति और चेयरमैन पदों के आरक्षण की तस्वीर अब जल्द साफ होने वाली है। इन पदों के लिए 13 अगस्त को सुबह 10:30 बजे जयपुर स्थित स्वायत्त शासन निदेशालय के सभागार में आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इसी दिन पंचायती राज संस्थाओं के 41 जिला प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी भी प्रस्तावित है। निकाय प्रमुखों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रदेश के किस नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका में प्रमुख का पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा।
309 निकायों के प्रमुख पदों पर तय होगा आरक्षण
आरक्षण की लॉटरी में नगर निगमों के महापौर, नगर परिषदों के सभापति और नगर पालिकाओं के चेयरमैन पदों की स्थिति स्पष्ट होगी। सरकार की ओर से लॉटरी की सूचना प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों को भी भेजी गई है। इस प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की नजर बनी हुई है, क्योंकि आरक्षण तय होने के बाद कई नेताओं की चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है।
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10,245 वार्डों के आरक्षण पर अभी असमंजस
निकाय प्रमुखों की लॉटरी की तारीख तय हो गई है, लेकिन प्रदेश के 10,245 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीकानेर, अलवर, जयपुर, उदयपुर और झुंझुनूं के जिला कलेक्टरों ने सरकार को पत्र भेजकर वार्ड आरक्षण की लॉटरी 15 अगस्त के बाद कराने का आग्रह किया है। कलेक्टरों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों और अन्य सरकारी गतिविधियों के कारण प्रशासनिक अमला व्यस्त रहेगा। सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है, लेकिन वार्ड आरक्षण की नई तारीख को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
फलोदी और सलूंबर में एक चरण में चुनाव की तैयारी
राजस्थान के 41 जिलों में होने वाले निकाय चुनावों के तहत फलोदी और सलूंबर में जिले के सभी नगरीय निकायों के चुनाव एक ही चरण में कराने की तैयारी है। वहीं, बाकी 39 जिलों में चुनाव दो चरणों में कराने का प्रस्ताव है। यदि वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया में देरी होती है तो इसका असर चुनाव की आगे की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। आरक्षण स्पष्ट होने के बाद ही संभावित प्रत्याशी अपनी सीट और राजनीतिक दल टिकट को लेकर रणनीति तय कर पाएंगे।
22 अगस्त को जारी हो सकती है चुनाव अधिसूचना
मौजूदा प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राजस्थान में निकाय चुनाव की अधिसूचना 22 अगस्त को जारी की जा सकती है। इसके बाद 27 अगस्त तक नामांकन, 29 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच और 31 अगस्त तक नाम वापसी का कार्यक्रम प्रस्तावित है। निकाय चुनाव दो चरणों में कराने की तैयारी है। पहले चरण में 140 नगर निकायों के 5,050 वार्डों में मतदान प्रस्तावित है, जबकि दूसरे चरण में 169 नगर निकायों के 5,195 वार्डों में वोट डाले जाएंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक मतदान 6 और 9 सितंबर को और मतगणना 11 सितंबर को कराए जाने की तैयारी है।
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करीब 18 हजार मतदान केंद्र प्रस्तावित
निकाय चुनावों के लिए करीब 18 हजार मतदान केंद्र बनाए जाने प्रस्तावित हैं। नगर निकाय सदस्यों के चुनाव में ईवीएम के जरिए मतदान कराया जाएगा। आरक्षण की लॉटरी केवल मेयर, सभापति और चेयरमैन पदों की स्थिति तय नहीं करेगी, बल्कि कई स्थानीय नेताओं की राजनीतिक किस्मत भी प्रभावित करेगी। जिस निकाय का प्रमुख पद जिस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, राजनीतिक दल उसी के अनुसार संभावित उम्मीदवारों की तलाश और टिकट वितरण की रणनीति तैयार करेंगे।
इसके बाद सभी की नजर वार्ड आरक्षण की लॉटरी पर रहेगी। वार्डों का आरक्षण तय होते ही पार्षद पद के संभावित उम्मीदवारों की दावेदारी, टिकट की दौड़ और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है।



