Wednesday, August 12, 2026
HomeIndiaSEO Title:नरेश मीणा को बड़ा झटका, SC-ST कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज...

SEO Title:नरेश मीणा को बड़ा झटका, SC-ST कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की, संपत्ति की जांच शुरू

नरेश मीणा की नियमित जमानत याचिका टोंक की SC-ST विशेष अदालत ने खारिज कर दी। जमानत रद्द होने के बाद नगरफोर्ट पुलिस ने उनकी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा जुटाना शुरू किया।

टोंक। राजस्थान की राजनीति में चर्चित निर्दलीय नेता नरेश मीणा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। टोंक की एससी-एसटी विशिष्ट अदालत ने नरेश मीणा की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा। वहीं, नगरफोर्ट पुलिस ने उनकी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

अदालत ने क्यों खारिज की जमानत?

मंगलवार शाम टोंक की एससी-एसटी विशिष्ट अदालत में न्यायाधीश आरती माहेश्वरी ने नरेश मीणा की जमानत याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक रामावतार सोनी ने सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने नरेश मीणा की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। मामला उनकी पहले मिली सशर्त जमानत से जुड़ा है।

यह खबर भी पढ़ें:-हाथरस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस, 19 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

सशर्त जमानत की शर्त तोड़ने का आरोप

नरेश मीणा को राजस्थान हाईकोर्ट से पहले सशर्त जमानत मिली थी। जमानत की शर्तों के तहत उन्हें धरना-प्रदर्शन और स्वागत-सत्कार जैसे सार्वजनिक आयोजनों में शामिल नहीं होने का निर्देश दिया गया था। झालावाड़ के पीपलोदी गांव में स्कूल भवन की छत गिरने से बच्चों की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शन में नरेश मीणा के शामिल होने की पुलिस रिपोर्ट सामने आई। इसके बाद 13 जुलाई 2026 को एससी-एसटी अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी। इसके बाद नरेश मीणा ने 6 अगस्त को नगरफोर्ट थाने में सरेंडर किया था।

अब नरेश मीणा की संपत्ति का जुटाया जा रहा ब्यौरा

जमानत खारिज होने के साथ ही नरेश मीणा के लिए एक और मुश्किल खड़ी हो गई है। विशेष अदालत के आदेश के बाद नगरफोर्ट पुलिस ने उनकी चल और अचल संपत्तियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस ने बारां जिले की मोठपुर तहसील के नयागांव उर्फ नानवता ग्राम पंचायत के सरपंच को पत्र भेजकर नरेश मीणा की संपत्तियों का पूरा विवरण मांगा है। यह जानकारी अदालत के समक्ष पेश की जानी है।

समरावता हिंसा और थप्पड़कांड से जुड़ा मामला

नरेश मीणा पर समरावता हिंसा और थप्पड़कांड मामले में करीब 60 लोगों के साथ आरोपी बनाए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में कई आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, जबकि नरेश मीणा को दोबारा जेल जाना पड़ा है। यह मामला 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में हुए विवाद से जुड़ा है। मतदान बहिष्कार के बीच नरेश मीणा पर ऑन-ड्यूटी एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था।

यह खबर भी पढ़ें:-स्वतंत्रता दिवस पर नागपुर में युवाओं से संवाद करेंगे मोहन भागवत, जेन-जेड पर रहेगा फोकस

हाईकोर्ट का रुख करेगी नरेश मीणा की लीगल टीम

निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब नरेश मीणा की कानूनी टीम राजस्थान हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी में है। उनके मुख्य अधिवक्ता फतेहराम मीणा ने संकेत दिया है कि निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में नियमित जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। अब नजर इस बात पर है कि क्या हाईकोर्ट से नरेश मीणा को दोबारा राहत मिलती है या उन्हें अभी और समय जेल में बिताना पड़ेगा।

नरेश मीणा के सामने बढ़ी कानूनी और सियासी चुनौती

जमानत खारिज होने, संपत्ति का ब्यौरा जुटाए जाने और आगामी कानूनी लड़ाई के बीच नरेश मीणा की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। हालांकि, अंतिम राहत का फैसला अब आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image