जयपुर। जयपुर की ऐतिहासिक पहचान और हैरिटेज स्वरूप को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार और नगर निगम को पिंक सिटी का हैरिटेज लुक बहाल कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिना मंजूरी हो रहे अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाने को कहा है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विश्व विरासत शहर जयपुर के मूल स्वरूप के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जा सकती। पहले चरण में वॉल सिटी के प्रमुख मार्गों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इनमें किशनपोल बाजार रोड, चौड़ा रास्ता, जौहरी बाजार रोड और चांदपोल बाजार से त्रिपोलिया गेट, छोटी चौपड़ होते हुए बड़ी चौपड़ तक का मार्ग शामिल है। इन प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है।
जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने ये अंतरिम निर्देश जितेन्द्र शर्मा की जनहित याचिका पर दिए। कोर्ट ने कहा कि मामले में कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए और एक-एक अतिक्रमण को चिन्हित कर उसे हटाना नगर निगम की जिम्मेदारी है।
सुनवाई के दौरान राज्य के एएजी जीएस गिल ने 7 अगस्त 2026 के आदेश की पालना और हलफनामा दायर करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि आगामी सुनवाई तक आदेशों की पालना नहीं हुई तो नगर निगम कमिश्नर को स्वयं अदालत में पेश होकर बताना होगा कि आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया।मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।



