Rajasthan News: जयपुर। उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि राजस्थान को केवल छह महीने के सीजन तक सीमित रखने के बजाय वर्षभर वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए. इसके लिए राज्य के पारंपरिक पर्यटन स्थलों के साथ नए क्षेत्रों को भी वेडिंग टूरिज्म के मानचित्र पर लाने की जरूरत है. दिया कुमारी रविवार को जयपुर के कूकस स्थित एक होटल में आयोजित ‘इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव’ को संबोधित कर रही थीं.

नए पर्यटन स्थलों को मिलेगा बढ़ावा
डिप्टी सीएम ने कहा कि ‘जयपुर, जोधपुर और उदयपुर पहले से ही डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं. अब समय आ गया है कि राजस्थान की इस पहचान का विस्तार करते हुए शेखावाटी, जैसलमेर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, भरतपुर और पुष्कर जैसे पर्यटन स्थलों को भी वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए.

उन्होंने कहा कि शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियां, जैसलमेर का सुनहरा रेगिस्तान, बांसवाड़ा और डूंगरपुर की प्राकृतिक सुंदरता, भरतपुर का वन्यजीव पर्यटन और पुष्कर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत वेडिंग टूरिज्म के लिए आकर्षक विकल्प बन सकते हैं.
स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वेडिंग टूरिज्म को पूरे वर्ष बढ़ावा दिया जाए तो इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा. इससे कारीगरों, होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों, सजावट, खानपान और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को अधिक रोजगार और कारोबार के अवसर प्राप्त होंगे.

उन्होंने कहा कि वेडिंग टूरिज्म का विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ राजस्थान की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को भी वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा. दिया कुमारी ने पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों से समन्वय के साथ कार्य करने और राजस्थान को दुनिया के प्रमुख डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयास तेज करने का आह्वान किया.




