जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित पीएम श्री एवं मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान (एमएसआरए) की एक समीक्षा बैठक में राज्य में शिक्षा विभाग के 11 विद्यालयों को राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने पर एसीएस, एजुकेशन राजेश यादव समेत अन्य विभागीय अधिकारियों, शिक्षकों और सभी स्टेकहोल्डर्स को बधाई दी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग 2025-26 के लिए देशभर में राजस्थान को तीसरा स्थान मिला है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) 2025 के तहत राजकीय विद्यालयों की कक्षा 3, 6 एवं कक्षा 9 में भाषायी एवं गणितीय ज्ञान में राज्य का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहने पर भारत सरकार के सचिव ने सराहना की है। एनएएस में राजस्थान तीनों ग्रेड कैटेगरी (ग्रेड 3, 6 और 9) में टॉप 10 राज्यों में शामिल है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में स्कूली शिक्षा प्रणाली – 2026 पर नीति आयोग की 11वीं शासी बैठक में बेसिक सुविधाओं और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेडेशन, निपुण भारत मिशन के तहत फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमरेसी में हुई प्रोग्रेस, और स्कूल क्वालिटी असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन फ्रेमवर्क (SQAAF) के तहत स्कूल बोर्ड को मज़बूत करने एवं गुणवत्ता की पहल पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने स्टूडेंट्स और टीचर्स दोनों के लिए अपार आईडी की 100 प्रतिशत पहुंच पूरी करने, स्टेट ओपन स्कूल्स के तहत कवरेज बढ़ाने, और टीचर्स के लगातार प्रोफेशनल डेवलपमेंट इत्यादी निर्णय को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

साथ ही उन्होंने बताया कि नीति आयोग की भारत में स्कूल शिक्षा प्रणाली पर रिपोर्ट – 2026 में मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान (एमएसआरए) को राज्य की सर्वश्रेष्ठ बेस्ट प्रैक्टिस में से एक माना है। बैठक के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पीएम श्री विद्यालयों से संबंधित जानकारी एवं उपलब्धियों को दर्शाने वाले लीफलेट का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने पीएम श्री विद्यालयों की अवधारणा एवं गुणवत्ता आधारित शिक्षण व्यवस्था की सराहना की।
‘योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी सुनिश्चित हो’
मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत संचालित एफएलएन, निपुण राजस्थान एवं प्रखर राजस्थान 2.0 के सकारात्मक परिणामों की सराहना की। साथ ही संबंधित अधिकारियों को अधिक से अधिक विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से पीएम श्री विद्यालयों में बालिका शौचालयों की उपलब्धता, लर्निंग एवं क्वालिटी आउटकम्स पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित एवं समावेशी वातावरण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर कम करने, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालय सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के मॉडल हैं पीएम श्री विद्यालय
बैठक में स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने पीएम श्री एवं मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 649 पीएम श्री विद्यालय संचालित हैं, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था के मॉडल के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है तथा नव निर्माण एवं मरम्मत कार्य भी प्रगति पर हैं।

उन्होंने यह बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप राज्य के अन्य राजकीय विद्यालयों में भी शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान, जिसकी शुरुआत 29 मार्च, 2025 को की गई थी, के अंतर्गत राज्य के 69 हजार से अधिक राजकीय विद्यालयों में विभिन्न सुधारात्मक गतिविधियां लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के परिणामस्वरूप विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ी है, ड्रॉपआउट में कमी आई है तथा परीक्षा परिणामों में भी सकारात्मक सुधार दर्ज किए गए हैं।
बैठक में राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त समग्र शिक्षा डॉ. रश्मि शर्मा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट, आरएससीईआरटी निदेशक स्वेता फगेडिया, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक अशोक कुमार मीणा, विभागीय उपायुक्त एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें: विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में राजस्थान अग्रणी भूमिका निभा रहा : सीएम भजनलाल शर्मा



